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दिल्ली: भारतीय राजपत्र में बदला नाम करवाना चाहती है प्रकाशित, खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

Sat, 05 Feb 2022 04:19 PM IST
अनुराग सक्सेना एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sat, 05 Feb 2022 04:19 PM IST
सार

जस्टिस वी कामेश्वर राव ने याचिकाकर्ता महिला को निर्देश दिया कि वह पूर्व में प्रशासन द्वारा जारी हलफनामा और प्रमाणपत्र दाखिल करे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल निश्चित की है। पंजाब के होशियारपुर निवासी प्रभा सूद ने अधिवक्ता जय प्रकाश तहलानी के माध्यम से याचिका दायर कराई।

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Delhi: Wants to get the name changed in the Indian Gazette published knocked on the door of Delhi High Court
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट में एक बुजुर्ग महिला ने याचिका दायर कर अपना बदला नाम भारतीय राजपत्र में प्रकाशित करवाने के लिए याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता विधवा ने कहा कि फोटो पहचान पत्र नहीं होने के कारण वह अपनी बचत और निवेश का उपयोग नहीं कर पा रही है।

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जस्टिस वी कामेश्वर राव ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह पूर्व में प्रशासन द्वारा जारी हलफनामा और प्रमाणपत्र दाखिल करे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल निश्चित की है। पंजाब के होशियारपुर निवासी प्रभा सूद ने अधिवक्ता जय प्रकाश तहलानी के माध्यम से याचिका दायर कराई। महिला ने दावा किया कि उसने अपना नाम 2002 में बदलवाया था।

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याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला है। उसका जन्म 1941 में हुआ था और 1963 में राम प्रकाश सूद से विवाह हुआ था। उनके पति का 2009 में निधन हो गया था। उनके पास कोई फोटो पहचान पत्र नहीं है और बैंक में खाता खोलने के लिए अधिकारी उससे फोटो पहचान पत्र मांगते हैं। याचिकाकर्ता ने बताया कि 1999 में उसने बैंक खाते खोले थे और इक्विटी शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स में अपने पूर्व के नाम शशि सूद के नाम से निवेश किया था।

बिना केवाईसी दस्तावेजों के खुलवाए थे बैंक खाते

याचिका के अनुसार, महिला ने वे बैंक खाते और निवेश 2000 से पहले किए थे। उस समय मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड आदि जैसे केवाईसी दस्तावेजों की अनिवार्यता नहीं थी और इसलिए वे खाते और निवेश इन दस्तावेजों के बिना ही किए गए थे।

याचिकाकर्ता ने बताया कि साल 2012 में होशियारपुर के उपायुक्त ने उसे एक वसीयत जारी की थी। महिला ने यह प्रकाशित करने के लिए कि उसने अपना नाम शशि प्रभा सूद, शशि और शशि सूद से प्रभा सूद कर दिया है, दिल्ली के प्रकाशन विभाग के साथ पंजीकृत एक आवेदन दाखिल किया था।

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