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दिल्ली: 10 महीने बाद खुले स्कूल, खिला छात्रों का चेहरा, कहा- ऑनलाइन में नहीं होती स्कूल जैसी पढ़ाई
Mon, 18 Jan 2021 10:20 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 18 Jan 2021 10:20 AM IST
सार
-स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए 60-80 फीसदी तक अभिभावकों ने दी मंजूरी
-स्कूलों ने बच्चों को नहीं दी है परिवहन की सुविधा
-असबेंली नहीं होगी, कैंटीन नहीं खुलेगी
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दिल्ली में दस माह बाद खुले स्कूल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
कोरोना महामारी के कारण बीते दस माह से बंद दिल्ली के स्कूल सोमवार (18 जनवरी) से खुल गए हैं। स्कूल खुलते ही छात्र में गजब का उत्साह दिख रहा है। उनका कहना है कि हम बहुत खुश हैं कि स्कूल खुल गए। ऑनलाइन में वैसी पढ़ाई नहीं हो पाती जो स्कूल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में होती है। उन्होंने कहा वह नहीं चाहते कि अब स्कूल बंद हों।
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कुछ स्कूल सोमवार को, कुछ सप्ताह के अंत में खुलेंगे
कुछ स्कूल सोमवार को खुल गए तो कुछ ने तैयारी करने के लिए सप्ताह के अंत में स्कूल खोलने का फैसला किया है। सोमवार के लिए स्कूलों ने दो दिन पहले से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। स्कूलों में प्रार्थना सभा(असबेंली नहीं होगी) नहीं होगी, ना ही बच्चों के खाने के लिए कैंटीन खोली जाएगी। ना ही स्कूलों ने बच्चों को परिवहन की सुविधा दी है। बच्चों को खुद ही स्कूल पहुंचना होगा।
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दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज से 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल खुल गए हैं। एक छात्र ने बताया, "स्कूल आकर बहुत अच्छा लग रहा है, ऑनलाइन में वो पढ़ाई नहीं हो पाती जो शिक्षकों के मार्गदर्शन में होती थी।" pic.twitter.com/rBbyQrN3H4
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 18, 2021
कोरोना महामारी के बाद खुल रहे स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए 60-80 फीसदी अभिभावकों ने ही अपनी मंजूरी दी है। एक कक्षा को दो ग्रुप में बांटा गया है, इस तरह से 10 से 15 बच्चे ही एक कक्षा में बैठ पाएंगे।
लिटिल फ्लॉवर ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन रोहित दुआ ने बताया कि दसवीं-बारहवीं के लगभग 80 फीसदी बच्चों के अभिभावकों ने उन्हें भेजने की मंजूरी दी है। स्कूल पहुंचने के लिए सुबह 8.30 बजे का समय रखा गया है, नौ बजे से कक्षाओं की शुरुआत हो जाएगी जो कि 12.30 बजे खत्म होगी।