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दिल्ली सरकार को फटकार : अदालत ने कहा- सड़कों पर दौड़ रहे हैं अवैध ई-रिक्शा और ऑटो, अधिकारी बेपरवाह

Fri, 08 Apr 2022 06:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 08 Apr 2022 06:14 AM IST
सार

अदालत ने कहा कि दिन के उजाले में दौड़ रहे है ऐसे वाहन मगर अधिकारी कुछ नहीं कर रहे। अदालत ने दिल्ली सरकार को कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। 

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Delhi High Court reprimanded the government
demo pic - फोटो : prayagraj

विस्तार

उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को फिटनेस और पंजीकरण प्रमाण पत्र के बिना सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई नहीं करने के लिए कड़ी  फटकार लगाई है। अदालत ने कहा सभी वाहन दिन दहाड़े चल रहे हैं और अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं।

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कहा कि हम हैरान हैं कि कैसे दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग दिन के उजाले में ई-रिक्शा और ऑटो चलाने की अनुमति दे रहे हैं जिनका फिटनेस प्रमाणपत्र और पंजीकरण क्रमश: समाप्त हो गया है। पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि अधिकारी कानून को लागू करने के लिए गंभीर नहीं हैं। पीठ ने दिल्ली सरकार को इस संबंध में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
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सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि 80583 ई-रिक्शा ऐसे हैं जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र दिसंबर 2021 में समाप्त हो गए और वे अभी भी दिल्ली की सड़कों पर चल रहे हैं। इसी तरह 9451 ऑटो रिक्शा जिनका पंजीकरण समाप्त हो गया है वे भी यहां सड़कों पर चल रहे हैं।
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पीठ ने कहा यह स्पष्ट है कि सरकार सड़कों पर चलने वाले प्रत्येक वाहन की फिटनेस के संबंध में कानून और नियमों को लागू करने के लिए गंभीर नहीं हैं। अदालत ने इस संबंध में उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 11 मई तय की है।

अदालत ने यह आदेश अधिवक्ता विशाल खन्ना के माध्यम से अजीत कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में दिल्ली सरकार को तब तक इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए नए परमिट जारी करने से रोकने की मांग की गई है जब तक कि अनधिकृत ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है जो बिना फिटनेस के चल रहे हैं।  

याचिका में यह भी मांग की गई है कि ई-ऑटो के लिए नए परमिट तब तक नहीं दिए जाएं जब तक 15 वर्ष पुरानी 22000 पुरानी कारों को दिल्ली की सड़कों से हटा नहीं जाता।

दिल्ली सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि राज्य वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ई-ऑटो के साथ आया है और यह याचिका संभवत: सीएनजी कार रखने वालों के इशारे पर दायर की गई है।


पीठ ने पूछा कि अवैध ई-रिक्शा सड़कों पर कैसे चल सकते हैं, इसका मतलब है कि आप अपना काम नहीं कर रहे हैं। वे दिन के उजाले में सड़कों पर दौड़ रहे हैं और आप कुछ नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब आपने उसे ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर छोड़ दिया है।

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