'हनुमान' को लेकर घिरी भाजपा, तो केजरीवाल बने 'महिला विरोधी', सोशल मीडिया पर यूं मचा घमासान
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वहीं जब इस मुद्दे पर भाजपा घिरती हुई नजर आई, तो इसके नेताओं ने केजरीवाल को फंसाने के लिए महिलाओं का मसला उठा दिया। भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता बोले, केजरीवाल जी ये आपकी महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। महिलाएं अपनी मर्जी से वोट नहीं डाल सकती हैं क्या। हमारे घरों में हर अहम फैसलों में महिलाओं की अहम भागीदारी होती है।
दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने एक टीवी चैनल पर जब से ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ी है, तभी से भाजपा उनका मजाक उड़ा रही है। इसके बाद शनिवार को वे हनुमान मंदिर में गए, तो यहां पर भी भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी को एक मुद्दा मिल गया। उन्होंने कहा कि अरविंद ने जिन हाथों से अपने जूते उतारे, उन्हीं हाथों से पूजा-अर्चना की है।
जब से मैंने एक TV चैनल पे हनुमान चालीसा पढ़ा है, भाजपा वाले लगातार मेरा मज़ाक़ उड़ा रहे हैं। कल मैं हनुमान मंदिर गया।आज भाजपा नेता कह रहे हैं कि मेरे जाने से मंदिर अशुद्ध हो गया। ये कैसी राजनीति है? भगवान तो सभी के हैं। भगवान सभी को आशीर्वाद दें, भाजपा वालों को भी।
सबका भला हो— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 8, 2020
मनोज तिवारी ने इस मुद्दे को गर्मा दिया। इसका जवाब देने के लिए खुद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह आगे आए। केजरीवाल ने कहा, मैं कल हनुमान मंदिर गया था। आज भाजपा नेता कह रहे हैं कि मेरे जाने से मंदिर अशुद्ध हो गया। यह कैसी राजनीति है? भगवान तो सभी के हैं। भगवान सभी को आशीर्वाद दें, भाजपा वालों को भी। सबका भला हो।
दूसरी तरफ संजय सिंह ने इस मुद्दे को रंग देने के लिए इसे एससी समुदाय के साथ जोड़ दिया। वे बोले, भाजपा अपनी घृणित मानसिकता से ऊपर नहीं उठ पा रही है। वह आज भी सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखना चाहती है। जैसे पहले एससी समुदाय को मंदिर में नहीं जाने दिया जाता था, वैसे ही क्या आज केजरीवाल के जाने से मंदिर अछूत हो गया।
आम आदमी पार्टी को वोटिंग के दिन बैठे बिठाए मनचाहा मुद्दा मिल गया था, इसलिए चंद मिनटों में इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इसके बाद भाजपा बैकफुट पर जाती हुई दिखी। उसी वक्त केजरीवाल ने एक ट्वीट कर दिया। उन्होंने लिखा, सभी महिलाओं से खास अपील है, जैसे आप घर की जिम्मेदारी उठाती हैं, वैसे ही मुल्क और दिल्ली की जिम्मेदारी भी आपके कंधों पर है। आप सभी महिलायें वोट डालने जरूर जाएं और अपने घर के पुरुषों को भी ले जाएं। पुरुषों से चर्चा जरूर करें कि किसे वोट देना सही रहेगा।
स्मृति जी, दिल्ली की महिलाओं ने किसे वोट देना है ये तय कर लिया है। और पूरी दिल्ली में इस बार अपने परिवार का वोट महिलाओं ने ही तय किया है। आखिर घर तो उन्हें ही चलाना होता है https://t.co/Psszwmmd3a
उनके इस ट्वीट को भाजपा ने हाथोंहाथ लिया। सबसे पहले रोहिणी से भाजपा उम्मीदवार विजेंद्र गुप्ता मैदान में कूद पड़े। गुप्ता ने केजरीवाल पर तंज कसने के अंदाज में लिखा, ये आपकी महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। महिलाएं अपनी मर्जी से वोट नहीं कर सकती हैं क्या।
मेरे घर में हर जरूरी फैसले में घर की महिलाओं की महत्वूर्ण भागीदारी होती है। इसके बाद भाजपा के फायर ब्रांड सांसद प्रवेश वर्मा सामने आए। उन्होंने लिखा, आखिरकार आपकी असली मानसिकता सामने आ ही गई। महिलाओं को बोल रहे हैं कि पुरुषों से पूछ कर वोट डालना।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इस मामले में केजरीवाल को निशाने पर ले लिया। हैशटैग महिला विरोधी केजरीवाल के साथ उन्होंने ट्वीट किया, आप क्या महिलाओं को इतना सक्षम नहीं समझते कि वे स्वयं निर्धारित कर सकें किसे वोट देना है।