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अनधिकृत कालोनियों का जल्द मालिकाना हक देने पर डीडीए का जोर

Sat, 17 Apr 2021 12:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 12:50 AM IST
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dda focus on to give property right of colonies
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी दिल्ली अधिकार आवास योजना (पीएम-उदय) के तहत डीडीए करीब 8 लाख मकानों, प्लॉटों के मालिकाना हक के लिए कन्वेयन्स डीड और प्राधिकरण पर्चियां तेजी से बांट रहा है। डीडीए नेेेे अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों को जितना जल्दी हो सके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर इस योजना का लाभ उठाने के लिए कहा है। डीडीए ने बताया है कि नाम मात्र शुल्क का लेकर भूखंड का मालिकाना हक दिया जा रहा है।
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अनधिकृत कॉलोनियों को जल्द से जल्द पक्का करने पर डीडीए का जोर है। डीडीए ने जानकारी दी है कि मौजूदा समय में दिल्ली की 1731 अनधिकृत कॉलोनियों के 8 लाख मकानों को कन्वेयन्स डीड और प्राधिकरण पर्चियां दी जा रही हैं। अब कन्वेयन्स डीड और प्राधिकरण पर्ची के जरिये अनधिकृत कॉलोनियों की संपत्तियों की सब-रजिस्ट्रार के यहां रजिस्ट्री होगी। जिसके बाद इन कॉलोनियों की संपत्तियों पर बैंक लोन जैसी और भी सुविधाएं मिल सकेंगी।
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रजिस्ट्रेशन की सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन
कन्वेयन्स डीड और प्राधिकरण पर्ची पाने के लिए पीएम उदय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण हो रहा है। आवेदन करने के लिए www.delhi.ncog.gov.in पर लॉगइन कर पंजीकरण फार्म भरा जा सकता है। रजिस्ट्रेशन की जानकारी आवेदक की ई-मेल आईडी व फोन नंबर पर आ जाएगी। ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। जिसमें कॉलोनी का विवरण, स्वामित्व विवरण जैसी जानकारी देनी होगी।
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ये जरूरी कागजात होने बेहद आवश्यक
आवेदन फार्म भरने के 2-3 दिन बाद जीआईएस एजेंसी परिवार का निरीक्षण करेगी। जीआईएस सर्वेक्षण अधिकारी के समक्ष अपने सभी जरूरी कागजात दिखाने होंगे। जिनमें जनरल पावर ऑफ अटार्नी, विक्रय करार पत्र, वसीयतनामा, भुगतान साक्ष्य, कब्जा पत्र साक्ष्य, बिजली बिल, संपत्ति का फोटो, कोरे कागज पर भू स्वामियों के हस्ताक्षर, पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज होने चाहिए।
बेहद कम शुल्क देकर मिलेगा स्वामित्व
आवेदक की सुविधा के लिए डीडीए ने 28 सुविधा केंद्र खोले हैं। डीडीए की वेबसाइट पर पूरी जानकारी उपलब्ध है। अनधिकृत कॉलोनी की संपत्तियों के लिए केंद्र सरकार ने स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क को सर्किल रेट पर ना लगाकर कन्वेयन्स डीड, ऑथराइज्ड स्लिप की राशि पर लगाने का कानून बनाया है। जो सर्किल रेट के मुकाबले बहुत कम है।
सरकारी भूमि पर निर्मित संपत्तियों, खाली प्लाटों के लिए 100 मीटर से कम पर, 100 मीटर से अधिक और 250 मीटर से अधिक या बराबर पर सामान्य शुल्क देना होगा। पूरी जानकारी ww.ncog.gov.in पर उपलब्ध है।

रजिस्ट्रेशन की गलतियों को सुधारा जा सकता है
दिल्ली में ऐसे तमाम लोग होंगे जिन्होंने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन अब तक उनकी संपत्ति के अधिकृत होने का रास्ता नहीं खुला है। डीडीए का मानना है, हो सकता है कि उनके रजिस्ट्रेशन में ही कोई खामी रही हो। ऐसे लोग दोबारा रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करने के कुछ दिन बाद यदि आवेदक पीएम उदय योजना के अंतर्गत पाया जाता है तो उसे एक एसएमएस के जरिये इसकी सूचना मिल जाती है। यह दर्शाती है कि डीडीए सर्वेक्षण टीम जल्द ही सत्यापन के लिए आवेदक के परिसर का दौरा करेगी।
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