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100 फीसदी छूट का पहला दिन: मेट्रो स्टेशनों के बाहर तक लगीं लाइनें, बसों के पीछे लोगों ने लगाई दौड़
Mon, 26 Jul 2021 07:39 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 26 Jul 2021 07:39 PM IST
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राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के बाहर मेट्रो में सफर करने के लिए लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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मेट्रो-बसों में सौ फीसदी सीटों पर सफर की इजाजत मिलने के बाद भी बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों के बाहर सोमवार को यात्रियों की भीड़ रही। सुबह के वक्त कुछ स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं करीब सात बजे 15-20 मिनट तक प्रभावित रही। दिल्ली मेट्रो के मुताबिक, सुबह के वक्त उनके उपकरणों में भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद एहतियात के दौरान कुछ स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेनें खड़ी रहीं। उधर बसों में भी खड़े होकर यात्रियों को सफर की इजाजत न होने का असर बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ के तौर पर दिखा। सीटें फुल होते ही बसों में यात्रियों को प्रवेश करने से रोक दिया गया। इस वजह सेअधिक इंतजार करना पड़ा। मेट्रो की ब्लू और ग्रे लाइन पर सुबह के वक्त कुछ यात्रियों को अलग अलग स्टेशनों पर थोड़ी देर के लिए इंतजार करना पड़ा। परिवहन सेवाओं में सोमवार से सौ फीसदी सीटों पर करीब सवा साल बाद यात्रियों को फिर इजाजत मिली है।
मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते यात्री
- फोटो : अमर उजाला
द्वारका मोड़, नवादा, जनकपुरी पश्चिम, राजौरी गार्डन, शादीपुर, करोल बाग स्टेशन में सफर के लिए प्रवेश करने से पहले सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग से पहले की तरह गुजरना पड़ा। इस वजह से स्टेशनों पर देरी हुई और यात्रियों की लाइनें भी लगी रहीं। शाम के वक्त भी यात्रियों को स्टेशनों के बाहर लंबी लाइन में इंतजार करना पड़ा।
मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करते यात्री
- फोटो : अमर उजाला
छूट के बाद भी एक सीट छोड़कर यात्रियों ने किया सफर
करीब सवा साल तक महामारी काल में न्यू नॉर्मल के आदी हो चुके कुछ यात्रियों ने सीट होने पर भी एक दूसरे के नजदीक बैठने के बजाय खड़े होकर सफर किया। बसों में भी छूट के बावजूद सुबह के वक्त भीड़ सामान्य रही। यात्रियों के मुताबिक मेट्रो में भले ही सभी सीटों पर बैठने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए खुद को और अधिक सतर्क रहना होगा। अगर, एक के बाद एक सीट पर यात्री बैठेंगे तो सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा कम कैसे हो सकता है।
करीब सवा साल तक महामारी काल में न्यू नॉर्मल के आदी हो चुके कुछ यात्रियों ने सीट होने पर भी एक दूसरे के नजदीक बैठने के बजाय खड़े होकर सफर किया। बसों में भी छूट के बावजूद सुबह के वक्त भीड़ सामान्य रही। यात्रियों के मुताबिक मेट्रो में भले ही सभी सीटों पर बैठने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए खुद को और अधिक सतर्क रहना होगा। अगर, एक के बाद एक सीट पर यात्री बैठेंगे तो सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा कम कैसे हो सकता है।
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जंतर-मंतर पर तैनात महिला पुलिसकर्मी और बस स्टॉप पर महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
बसों में सीट की होड़ में दिखी यात्रियों की दौड़
सीमापुरी, आईटीओ, धौला कुआं और शिवाजी स्टेडियम जैसे बसों के पहुंचते ही इंतजार कर रहे यात्री बस में सीट लेने के लिए दौड़ते दिखे। कुछ स्टॉप पर बसों में सीट न होने की वजह से यात्रियों को बसों में सफर करने के लिए अधिक इंतजार करना पड़ा। कुछ रूटों पर बसों में कम भीड़ होने पर यात्री सीटें छोड़कर पहले की तरह बैठकर सफर करते नजर आए।
सीमापुरी, आईटीओ, धौला कुआं और शिवाजी स्टेडियम जैसे बसों के पहुंचते ही इंतजार कर रहे यात्री बस में सीट लेने के लिए दौड़ते दिखे। कुछ स्टॉप पर बसों में सीट न होने की वजह से यात्रियों को बसों में सफर करने के लिए अधिक इंतजार करना पड़ा। कुछ रूटों पर बसों में कम भीड़ होने पर यात्री सीटें छोड़कर पहले की तरह बैठकर सफर करते नजर आए।
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दिल्ली की सड़कों पर रेंगते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
सुबह के वक्त कुछ देर के लिए बसों में 70-80 फीसदी सीटों पर यात्रियों ने सफर किया। धीरे धीरे भीड़ बढ़ने के बाद बसों में सफर करने के लिए यात्रियों को करीब 11.30 बजे तक स्टॉप पर इंतजार करना पड़ा। अब तक बस-मेट्रो में 50 फीसदी सीटों पर ही बैठकर सफर करने की इजाजत थी।