दिल्ली कैंट दुष्कर्म व हत्या मामला : श्मशान घाट में बच्ची को उधर-इधर ले जाते गवाहों ने देखा था
इन गवाहों ने श्मशान घाट में पीड़ित बच्ची को उधर-उधर ले जाते हुए देखा था। चारों अहम गवाहों ने अलग-अलग समय पर चारों आरोपियों को देखा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली कैंट के पुराने नांगल गांव में श्मशान घाट में नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले में पुलिस के पास चार अहम गवाह हैं। इन गवाहों ने श्मशान घाट में पीड़ित बच्ची को उधर-उधर ले जाते हुए देखा था। चारों अहम गवाहों ने अलग-अलग समय पर चारों आरोपियों को देखा था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में ये बात कही है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के एक्सपर्ट पैनल की रिपोर्ट भी अपराध शाखा को मिल गई है। एक्सपर्ट पैनल ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि श्मशान घाट में लगे वाटर कूलर में कोई करंट नहीं होने की बात कही है।
दिल्ली कैंट में नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कर रही है। अपराध शाखा ने करीब 400 पेज की कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कहा है कि इस मामले में करीब 60 गवाह हैं। इनमें से चार गवाह ऐसे हैं जिन्होंने आरोपियों को अलग-अलग समय पर अलग-अलग जगह व श्मशान घाट में देखा था। इनमें दो गवाह ऐसे हैं जिन्होंने आरोपियों को श्मशान घाट में पीड़ित बच्ची को कमरे की तरफ ले जाते देखा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये गवाह स्थानीय नागरिक हैं। इनमें से दो गवाह तो उस समय श्मशान घाट व उसकी बाउंड्री के पास थे।
अपराध शाखा ने रोहिणी स्थित एफएसएल के अलावा दिल्ली पुलिस के एक्सपर्ट पैनल से भी वाटर कूलर में करंट था या नहीं इसकी जांच कराई थी। एक्सपर्ट पैनल ने अपराध शाखा को दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वाटर कूलर में करंट नहीं था।
साथ ही ये भी कहा है कि अगर वारट कूलर में करंट होता तो बच्ची को करंट लगने पर वाटर कूलर पर बॉयोलोजिकल फ्लूड के निशान होते। मगर वाटर कूलर से बॉयोलोजिकल फ्लूड के कोई निशान नहीं मिले हैं। रोहिणी स्थित एफएसएल ने भी अपनी रिपोर्ट में यही कहा था। गौरतलब हैकि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।