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शराब तस्करों का गढ़ है कस्तूरबा नगर, जाने से कतराते हैं पुलिसकर्मी
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नई दिल्ली। पिछले कई दशकों से विवेक विहार का कस्तूरबा नगर इलाका शराब तस्करों का गढ़ बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक यहां के 60-65 परिवार अवैध शराब बेचने का धंधा करते है। इस धंधे में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल हैं। ज्यादातर परिवारों के बच्चे भी बड़े होकर शराब का धंधा करने लगते हैं। इनका धंधा राजस्थान, हरियाणा और यूपी से शराब की तस्करी कर दिल्ली में बेचना है। पुलिसकर्मी चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यहां पुरुषों से ज्यादा महिलाएं दबंग हैं। पुलिस के छापा डालने पर महिलाएं अपने कपड़े फाड़ने लगती हैं। पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाने लगती हैं। इसलिए पुलिसकर्मी भी वहां जाने से बचते हैं। यहां 24 घंटे शराब मिलती है।
कस्तूरबा नगर इलाका मई 2019 में तब सुर्खियों में आया था जब पुलिस बूथ के नजदीक दिल्ली पुलिस के एसआई राजकुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पहले घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। जबकि परिजनों ने शराब तस्करों पर राजकुमार की हत्या का आरोप लगाया था। एसआई राजकुमार पत्नी और दो बेटियों के साथ कस्तूरबा नगर इलाके में रहते थे। उन पर हमला होने के दौरान तमाम लोग तमाशबीन बने रहे। लोगों का कहना है कि अवैध शराब का धंधा करने वाले परिवार इतने दबंग है कि कोई भी इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर पाता है। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यहां दो दर्जन से अधिक घोषित बदमाश हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। उनके खिलाफ शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। विवेक विहार थाने के पूर्व इंस्पेक्टर ने बताया कि इन लोगों से निपटने का तरीका बस यही कि हर गली में पुलिस पिकेट बना दी जाए। ऐसे में इनके नेटवर्क में उसके बाद आसानी से सेंध लगाई जा सकेगी।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि यहां पुरुषों से ज्यादा महिलाएं दबंग हैं। पुलिस के छापा डालने पर महिलाएं अपने कपड़े फाड़ने लगती हैं। पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाने लगती हैं। इसलिए पुलिसकर्मी भी वहां जाने से बचते हैं। यहां 24 घंटे शराब मिलती है।
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कस्तूरबा नगर इलाका मई 2019 में तब सुर्खियों में आया था जब पुलिस बूथ के नजदीक दिल्ली पुलिस के एसआई राजकुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पहले घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। जबकि परिजनों ने शराब तस्करों पर राजकुमार की हत्या का आरोप लगाया था। एसआई राजकुमार पत्नी और दो बेटियों के साथ कस्तूरबा नगर इलाके में रहते थे। उन पर हमला होने के दौरान तमाम लोग तमाशबीन बने रहे। लोगों का कहना है कि अवैध शराब का धंधा करने वाले परिवार इतने दबंग है कि कोई भी इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर पाता है। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यहां दो दर्जन से अधिक घोषित बदमाश हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। उनके खिलाफ शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। विवेक विहार थाने के पूर्व इंस्पेक्टर ने बताया कि इन लोगों से निपटने का तरीका बस यही कि हर गली में पुलिस पिकेट बना दी जाए। ऐसे में इनके नेटवर्क में उसके बाद आसानी से सेंध लगाई जा सकेगी।
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