{"_id":"619e9d5998646918c0779fa9","slug":"court-file-tampering-is-a-serious-matter-an-attack-on-the-judicial-system-prosecution-ashram-news-noi6176771107","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपहार अग्निकांड मामला : अदालती फाइल से छेड़छाड़ गंभीर मामला, न्यायिक तंत्र पर हमला- अभियोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपहार अग्निकांड मामला : अदालती फाइल से छेड़छाड़ गंभीर मामला, न्यायिक तंत्र पर हमला- अभियोजन
विज्ञापन
नई दिल्ली। उपहार अग्निकांड मामले में अदालती फाइल के दस्तावेज से छेड़छाड़ गंभीर मामला है। यह न्यायिक तंत्र पर हमला है। सरकारी वकील ने मुख्य मामले से जुड़े दस्तावेज से छेड़छाड़ के दोषी ठहराए गए अंसल बंधुओं व अन्य दोषियों की सजा निलंबन मांग पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उक्त तर्क रखा। इसी के साथ मामले में अभियोजन ने जिरह पूरी कर ली।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल के समक्ष सरकारी वकील एटी अंसारी ने कहा कि पूरा मामला न्यायिक तंत्र पर आम लोगों के विश्वास व पिछले 24 वर्ष से इंसाफ के लिए लड़ रहे उपहार हादसे के पीड़ितों के विश्वास का है। इन्होंने न्यायिक तंत्र पर विश्वास किया लेकिन सजा के मात्र 15 दिनों बाद सजा निलंबन से उनका विश्वास टूट जाएगा।
उन्होंने कहा निचली अदालत के फैसले से स्पष्ट है कि अंसल व अन्य ने एक षड्यंत्र रच कर अदालती स्टाफ दिनेश चंद शर्मा से मिल मूल दस्तावेज से छेड़छाड़ की और दस्तावेज गायब कर दिए। उन्होंने कहा दोषियों ने न्यायिक तंत्र से खिलवाड़ किया है और उनको उसी की सजा मिली है। सजा निलंबन से आम लोगों का विश्वास न्यायिक तंत्र में कम होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा अंसल बंधुओं ने पैसे के बल पर सिस्टम से खिलवाड़ किया है और उनको कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए थी। अपील के निपटारे तक सजा के निलंबन का कोई आधार नहीं है।
उन्होंने कहा सीडीआर, हैंड राइटिंग विशेषज्ञ की रिपोर्ट से सभी आरोप साबित हुए हैं। विस्तृत जांच के बाद ही दिनेश चंद को नौकरी से बर्खास्त किया गया था। दोषी यह नहीं कह सकते कि वे निर्दोष हैं और गलत तरीके से फंसाया गया है। अंसल बंधुओं के पिछले रिकार्ड व व्यवहार को देखते हुए उनकी सजा निलंबित न की जाए।
इसी के साथ उन्होंने अंसल बंधुओं के अलावा दोषी अनूप सिंह व पीपी बत्रा के मामले में जिरह पूरी कर ली। अब दोषी व उपहार पीड़ित एसोसिएशन इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे।
अदालत ने मामले की सुनवाई 26 नवंबर तय की है। पटियाला हाउस अदालत ने सभी दोषियों को इस मामले में सात वर्ष की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल के समक्ष सरकारी वकील एटी अंसारी ने कहा कि पूरा मामला न्यायिक तंत्र पर आम लोगों के विश्वास व पिछले 24 वर्ष से इंसाफ के लिए लड़ रहे उपहार हादसे के पीड़ितों के विश्वास का है। इन्होंने न्यायिक तंत्र पर विश्वास किया लेकिन सजा के मात्र 15 दिनों बाद सजा निलंबन से उनका विश्वास टूट जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा निचली अदालत के फैसले से स्पष्ट है कि अंसल व अन्य ने एक षड्यंत्र रच कर अदालती स्टाफ दिनेश चंद शर्मा से मिल मूल दस्तावेज से छेड़छाड़ की और दस्तावेज गायब कर दिए। उन्होंने कहा दोषियों ने न्यायिक तंत्र से खिलवाड़ किया है और उनको उसी की सजा मिली है। सजा निलंबन से आम लोगों का विश्वास न्यायिक तंत्र में कम होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा अंसल बंधुओं ने पैसे के बल पर सिस्टम से खिलवाड़ किया है और उनको कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए थी। अपील के निपटारे तक सजा के निलंबन का कोई आधार नहीं है।
उन्होंने कहा सीडीआर, हैंड राइटिंग विशेषज्ञ की रिपोर्ट से सभी आरोप साबित हुए हैं। विस्तृत जांच के बाद ही दिनेश चंद को नौकरी से बर्खास्त किया गया था। दोषी यह नहीं कह सकते कि वे निर्दोष हैं और गलत तरीके से फंसाया गया है। अंसल बंधुओं के पिछले रिकार्ड व व्यवहार को देखते हुए उनकी सजा निलंबित न की जाए।
इसी के साथ उन्होंने अंसल बंधुओं के अलावा दोषी अनूप सिंह व पीपी बत्रा के मामले में जिरह पूरी कर ली। अब दोषी व उपहार पीड़ित एसोसिएशन इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे।
अदालत ने मामले की सुनवाई 26 नवंबर तय की है। पटियाला हाउस अदालत ने सभी दोषियों को इस मामले में सात वर्ष की सजा सुनाई थी।