CJP Protest: आंसू गैस के गोले, लाठियां और जाम, राजधानी का नजारा जैसे जंग का मैदान; सहमे स्कूली बच्चे
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सुबह 8:59 बजे एक्स पर जानकारी दी कि सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद किए जा रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सप्ताह के पहले कामकाजी दिन दिल्ली की सड़कें सिर्फ ट्रैफिक जाम की वजह से नहीं, बल्कि डर और बेबसी से भरी हुई थीं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में जंतर मंतर पर निकाले गए धरने ने राजधानी का हाल ऐसा कर दिया कि एक तरफ प्रदर्शनकारियों के नारे गूंज रहे थे, तो दूसरी तरफ आंसू गैस के गोले फट रहे थे। धुएं के गुबार में लोग भाग रहे थे, चीख-पुकार मची हुई थी। सबसे ज्यादा सहमे मासूम बच्चे। इससे पहले पुलिस ने सोमवार सुबह राजधानी के सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों को एहतियातन बंद कर दिया गया। इसकी वजह से दिल्ली की रफ्तार थम गई।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सुबह 8:59 बजे एक्स पर जानकारी दी कि सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद किए जा रहे हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक लगा दी गई। इसका सबसे अधिक असर ब्लू, येलो और वायलेट लाइन से यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ा। करीब 9:10 बजे डीएमआरसी ने स्थिति में आंशिक राहत देते हुए बताया कि राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर इंटरचेंज सुविधा और कुछ गेट खोल दिए गए हैं। सुबह 10:52 बजे सेवा तीर्थ स्टेशन के गेट भी खोल दिया गया।
दोपहर 2:07 बजे जनपथ और पटेल चौक स्टेशन भी सामान्य रूप से खोल दिए गए, जिसके बाद मेट्रो परिचालन पूरी तरह सामान्य होने लगा। हालांकि, सुबह के व्यस्त समय में मेट्रों बंद होने का सबसे ज्यादा दिखाई दिया। इधर, संसद कूच के दौरान जंतर मंतर से 200 मीटर दूर कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में कई घंटे से फंसी स्कूल बस में बच्चे सुबकते और सहमे नजर आए। कुछ तो इतना डर गए कि बस रोते रहे, उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। तीन घंटे से अधिक समय तक फंसे रहने पर बच्चे बेहाल हो गए। कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, पटेल चौक और जंतर मंतर के आसपास का नजारा किसी जंग से कम नहीं था। जाम में फंसे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। स्टेशन जाने वाले घंटों सड़कों पर अटके रहे। बसों का रास्ता बंद था, टैक्सी वाले मनमाना किराया मांग रहे थे। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ रहे सुरक्षाकर्मियों ने बस अड्डों से आम सवारियों को भी लाठी-फटकार कर भगा दिया, जिससे उनकी समस्या और बढ़ गई। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा पीड़ित रहे।
गुरुद्वारों में श्रद्धालु और दर्शनार्थी फंसे
रकाबगंज और बंगला साहिब गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालु जिन्हें धरने के बारे में जानकारी नही थी। वह भी फंस गए। पुलिस ने गुरुद्वारे से निकलने वाले लोगों पर भी रोक लगा दी। रोक हटाने के बाद भी जैसे ही लोग बाहर निकलने को हुए, सड़कों पर जाम और आंसू गैस का मंजर देख वे सहम गए।
मेट्रो का गेट फांदते दिखे यात्री
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश व्यवस्था प्रभावित होने के बाद भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट के सामने यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ यात्री गेट के ऊपर से पार करते दिखाई दिए। स्टेशन के भीतर कुछ समय तक अफरातफरी जैसी स्थिति बनी रही। बाद में डीएमआरसी ने इंटरचेंज सुविधा और गेट खोलने की घोषणा की, जिसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे।