सीबीएसई बोर्ड : देशभर में 65 हजार विद्यार्थियों का रिजल्ट किया जा रहा वेरिफाई
- स्कूलों ने रिजल्ट बनाकर बोर्ड को दिया, बोर्ड ने रीजनल ऑफिस को दिया, स्कूल से की जाएगी पुष्टि
- बोर्ड ने इन विद्यार्थियों का रिजल्ट निकालने के लिए रिसर्च वर्क भी किया
- इनमें ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके आंतरिक ग्रेड, प्रैक्टिकल अंक, रेफरेंस ईयर नहीं है, कई विद्यार्थी अनुपस्थित भी रहे
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं के रिजल्ट में 65 हजार से अधिक विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी नहीं किया है। बोर्ड ने इन विद्यार्थियों का रिजल्ट पांच अगस्त तक निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने रिजल्ट निकालने के लिए रिसर्च वर्क करने के बाद इसे वेरिफाई कर रहा है। इसके लिए स्कूलों द्वारा तैयार किए गए रिजल्ट को बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को दिया गया है जिससे कि वह स्कूलों से इसकी पुष्टि कर सकें। बोर्ड का कहना है कि रिजल्ट इस तरह से जारी होगा कि इन विद्यार्थियों को किसी प्रकार का नुकसान ना हो।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने देशभर से 1078 स्कूलों के 65,184 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोका हुआ है। इन स्कूलों केरिजल्ट के आगे रिजल्ट लेटर लिखा गया है। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि इनमें ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके आंतरिक ग्रेड नहीं, प्रैक्टिकल व थ्यौरी केअंक नहीं हैं, या वह बारहवीं में अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने के आधार पर रिजल्ट नहीं बना सकते हैं। वहीं कुछ स्कूल नए होने के कारण उनकेपास अंक देने के लिए रेफरेंस ईयर नहीं है। स्कूल इनका औसत नहीं निकाल पाए।
ऐसे में बोर्ड अब इनकेलिए रिसर्च वर्क कर रहे हैं कि कैसे रिजल्ट निकाला जाए। स्कूलों ने इन विद्यार्थियों का जिस तरह से रिजल्ट बनाकर दिया उसमें कुछ डेटा अधूरा है। इन्हें हमनें अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को दे दिया है वह स्कूल से इसकी पुष्टि कर रहे हैं। वह रिजल्ट को वेरिफाई करेंगे जिससे कि किसी बच्चे को नुकसान ना हों। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त तक रिजल्ट को जारी कर दिया जाएगा।
एनडीएमसी के स्कूलों का रहा 100 फीसदी परिणाम
कक्षा 12वीं के नतीजों में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद(एनडीएमसी) के स्कूलों ने गत वर्ष के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। इस वर्ष परिषद के अटल आदर्श और नवयुग स्कूलों का कुल परिणाम 100 फीसदी रहा है। बीते वर्ष यह 95.41 फीसदी रहा था, जबकि 2019 में 94.21 फीसदी था ।
एनडीएमसी की ओर से बताया गया कि सभी पहलुओं पर निरंतर निरीक्षण और विषयवार ऑनलाइन सत्र का आयोजन कर छात्रों पर ध्यान दिया गया था। साथ ही अकादमिक सलाहकारों एवं अधिकारियों द्वारा किया गया नियमित पर्यवेक्षण 100 फीसदी परिणाम लाने में प्रभावी साबित हुआ है।
परिषद के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी के बावजूद माता-पिता और छात्रों से समय समय पर विचारों का आदान प्रदान किया। इसमें अभिभावकों व छात्रों का समर्थन भी मिला। सत्र के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं से सुनिश्चित किया गया कि शिक्षक और छात्र दोनों वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने और लॉकडाउन की चुनौतियों से बाहर आने के लिए तैयार हो सके।
महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से फॉलोअप और छात्रों को प्री-लोडेड टैबलेट वितरित करने की पहल को एनडीएमसी ने 100 फीसदी परिणाम के लिए फायदेमंद बताया है।
साइंस में दाखिले के लिए चाहिए कम से कम 55 फीसदी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अभी दसवीं के रिजल्ट जारी नहीं किए हैं। इससे पहले ही शिक्षा निदेशालय ने ग्यारवीं में दाखिले की तैयारी शुरू कर दी है। निदेशालय ने ग्यारवीं में दाखिले केलिए अलग-अलग स्ट्रीम के मुताबिक क्राइटेरिया तय किया है। क्राइटेरिया के मुताबिक सरकारी स््कूलों में साइंस स्ट्रीम में दाखिले केलिए कुल अंक 55 फीसदी की अनिवार्यता की गई है। जबकि कॉमर्स स्ट्रीम में दाखिले के लिए विद्यार्थी के कुल अंक 50 फीसदी होने चाहिएं। जबकि ह्यूमेनिटीज स्ट्रीम केलिए विद्यार्थी का दसवीं में पास होना जरुरी है। वहीं स्कूल ह्यूमेनिटीज में उन बच्चों को दाखिला से मना नहीं कर सकते हैं, जिन्होंने दसवीं की परीक्षा पास की हो।
शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वह दाखिला लेते समय इन क्राइटेरिया का पालन जरुर करें। ग्यारवीं में साइंस स्ट्रीम गणित केसाथ लेने क लिए दसवीं में कुल 55 फीसदी अंक होना जरुरी है। इसकेसाथ ही अंग्रेजी, साइंस, गणित, स्टैंडर्ड गणित, बेसिक गणित में 50 फीसदी अंक होने चाहिएं। साइंस स्ट्रीम बिना गणित के साथ लेने के लिए दसवीं में कुल अंक 55 फीसदी होने चाहिएं। इसकेसाथ अंग्रेजी में 50 फीसदी, स्टैंडर्ड मैथ्स में 40 फीसदी, बेसिक मैथ्स में 40 फीसदी व साइंस में 50 फीसदी होना जरुरी है। उल्लेखनीय है कि बीते साल बेसिक गणित में 45 अंकों की अनिवार्यतों को बदलकर 40 फीसदी किया गया था।
वहीं ग्यारवीं में कॉमर्स स्ट्रीम केसाथ गणित लेने के लिए दसवीं में कुल 50 फीसदी अंक होने चाहिए, इसके साथ अंग्रेजी में 45 फीसदी, स्टैंडर्ड या बेसिक मैथ्स में 50 फीसदी, सोश्ल साइंस में 45 फीसदी अंक जरुरी है। यदि कोई विद्यार्थी कॉमर्स स्ट्रीम गणित के बिना लेना चाहता है तो कुल अंक 50 फीसदी, अंग्रेजी या हिंदी में 45 फीसदी व सोश्ल साइंस में 45 फीसदी अंक होने चाहिए। वहीं यदि ह्यूमेनिटीज केसाथ ईकोनॉमिक्स विषय लेने केलिए कुल अंक 45 फीसदी होने चाहिएं। वहीं ह्यूमेनिटीज केसाथ गणित लेने के लिए स्टैंडर्ड व बेसिक मैथ्स में 50 अंक हासिल किया होना जरुरी है।
एससी-एसटी, ओबीसी व कश्मीरी विस्थापितों को पांच फीसदी की छूट मिलेगी
एससी-एसटी, ओबीसी(नॉन क्रीमी लेयर), कश्मीरी विस्थापितों, व राष्ट्रीय खेलों में पहला, दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त करने वालों को किसी स्ट्रीम में दाखिले के लिए किन्हीं तीन विषयों में पांच फीसदी की छूट मिलेगी। जबकि दिव्यांग विद्यार्थियों को किसी भी स्ट्रीम में दाखिले के लिए सभी विषयों में पांच फीसदी की छूट दी जाएगी।