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Delhi News: नकली वीजा से कनाडा भेजने की कोशिश, एजेंट गिरफ्तार
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-आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने की गिरफ्तारी, 15 लाख रुपये में एजेंट ने कनाडा भेजने का दिया था आश्वासन
-ताइपे में एयरपोर्ट अधिकारियों ने नकली वीजा देखकर यात्री को वापस दिल्ली भेजा, धोखाधड़ी में पुलिस ने किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने नकली वीजा के जरिए यात्री को कनाडा भेजने का प्रयास करने वाले एजेंट को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपी एजेंट ने यात्री से 15 लाख रुपये में सौदा कर उसे कनाडा भेजने का वादा किया था। लेकिन नकली वीजा मिलने के बाद यात्री को ताइपे से भारत के लिए निर्वासित कर दिया गया।
गिरफ्तार एजेंट की पहचान गांव मेहर माजरा, यमुना नगर हरियाणा निवासी विशन दत्त उर्फ विशु के रूप में हुई है। आईजीआई एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया, 23 जून की रात गांव मेहर माजरा यमुना नगर हरियाणा निवासी तरसेम लाल ताइवान में कनाडा के लिए आगे की बोर्डिंग से इनकार करने के बाद आईजीआई हवाई अड्डे पर पहुंचा। उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच में अधिकारियों ने पाया कि उसके पासपोर्ट में नकली कनाडाई वीजा लगा है। यात्री को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस के हवाले कर दिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
15 लाख रुपये में एजेंट ने किया था नकली वीजा का इंतजाम
यात्री तरसेम लाल ने बताया कि आजीविका के लिए वह वहां जाना चाहता था। गांव के एजेंट विशन ने 15 लाख रुपये में मल्टी-एंट्री विजिटर वीजा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। साथ ही वहां नौकरी की बात कही। तरसेम ने एजेंट को 5.5 लाख रुपये दे दिए। बाकी रकम गंतव्य पर देने की बात हुई। तरसेम 11 मई को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से मलेशिया के लिए रवाना हुआ। वहां एक माह रहा। इस दौरान एजेंट के एक सहयोगी ने उसका पासपोर्ट ले लिया और बाद में उसे कनाडा का वीजा लगाकर लौटा दिया। फिर विशन ने कनाडा जाने के लिए मलयेशिया से इंडोनेशिया, फिर बैंकॉक और अंत में ताइपे की यात्रा की व्यवस्था की। ताइपे पहुंचने पर एयरपोर्ट अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट में कनाडा का नकली वीजा देखकर उसे वापस नई दिल्ली भेज दिया। एसआई राजेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यात्री की निशानदेही और तकनीकी जांच के जरिए एजेंट विशन दत्त को बुधवार को यमुनानगर हरियाणा के एक ठिकाने से पकड़ लिया।
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तीन साल से एजेंट कर रहा था ठगी का काम
पूछताछ में विशन ने बताया कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह 2022 में वह एजेंटों के एक समूह के संपर्क में आया, जो विदेश यात्रा और रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। जल्द पैसा कमाने के लिए वह उनके साथ एजेंट के रूप में काम करने लगा। उसने तरसेम के संपर्क करने पर अपने साथियों की मदद से वीजा और ताइपे के जरिए कनाडा की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था की। पुलिस ठगी में शामिल अन्य एजेंटों की पहचान करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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-ताइपे में एयरपोर्ट अधिकारियों ने नकली वीजा देखकर यात्री को वापस दिल्ली भेजा, धोखाधड़ी में पुलिस ने किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने नकली वीजा के जरिए यात्री को कनाडा भेजने का प्रयास करने वाले एजेंट को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपी एजेंट ने यात्री से 15 लाख रुपये में सौदा कर उसे कनाडा भेजने का वादा किया था। लेकिन नकली वीजा मिलने के बाद यात्री को ताइपे से भारत के लिए निर्वासित कर दिया गया।
गिरफ्तार एजेंट की पहचान गांव मेहर माजरा, यमुना नगर हरियाणा निवासी विशन दत्त उर्फ विशु के रूप में हुई है। आईजीआई एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया, 23 जून की रात गांव मेहर माजरा यमुना नगर हरियाणा निवासी तरसेम लाल ताइवान में कनाडा के लिए आगे की बोर्डिंग से इनकार करने के बाद आईजीआई हवाई अड्डे पर पहुंचा। उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच में अधिकारियों ने पाया कि उसके पासपोर्ट में नकली कनाडाई वीजा लगा है। यात्री को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस के हवाले कर दिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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15 लाख रुपये में एजेंट ने किया था नकली वीजा का इंतजाम
यात्री तरसेम लाल ने बताया कि आजीविका के लिए वह वहां जाना चाहता था। गांव के एजेंट विशन ने 15 लाख रुपये में मल्टी-एंट्री विजिटर वीजा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। साथ ही वहां नौकरी की बात कही। तरसेम ने एजेंट को 5.5 लाख रुपये दे दिए। बाकी रकम गंतव्य पर देने की बात हुई। तरसेम 11 मई को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से मलेशिया के लिए रवाना हुआ। वहां एक माह रहा। इस दौरान एजेंट के एक सहयोगी ने उसका पासपोर्ट ले लिया और बाद में उसे कनाडा का वीजा लगाकर लौटा दिया। फिर विशन ने कनाडा जाने के लिए मलयेशिया से इंडोनेशिया, फिर बैंकॉक और अंत में ताइपे की यात्रा की व्यवस्था की। ताइपे पहुंचने पर एयरपोर्ट अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट में कनाडा का नकली वीजा देखकर उसे वापस नई दिल्ली भेज दिया। एसआई राजेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यात्री की निशानदेही और तकनीकी जांच के जरिए एजेंट विशन दत्त को बुधवार को यमुनानगर हरियाणा के एक ठिकाने से पकड़ लिया।
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तीन साल से एजेंट कर रहा था ठगी का काम
पूछताछ में विशन ने बताया कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह 2022 में वह एजेंटों के एक समूह के संपर्क में आया, जो विदेश यात्रा और रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। जल्द पैसा कमाने के लिए वह उनके साथ एजेंट के रूप में काम करने लगा। उसने तरसेम के संपर्क करने पर अपने साथियों की मदद से वीजा और ताइपे के जरिए कनाडा की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था की। पुलिस ठगी में शामिल अन्य एजेंटों की पहचान करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।