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पाकिस्तान के लिए जासूसी मामला: आगरा से सैन्यकर्मी गिरफ्तार, वही हबीब को देता था गोपनीय दस्तावेज
Fri, 16 Jul 2021 01:54 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 01:54 AM IST
सार
हबीब गोपनीय दस्तावेज आगे आईएसआई हैंडलर को देता था। इन पाकिस्तान हैंडलर को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। गोपनीय दस्तावेज देने के बदले पाकिस्तान से दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिए पैसे आए थे।
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पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में गिरफ्तार लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के मामले में सैन्यकर्मी परमजीत को बुधवार को आगरा कैंट से गिरफ्तार किया है। परमजीत ही ठेकेदार हबीबुर्रहमान उर्फ हबीब को गोपनीप दस्तावेज देता था।
हबीब गोपनीय दस्तावेज आगे आईएसआई हैंडलर को देता था। इन पाकिस्तान हैंडलर को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। गोपनीय दस्तावेज देने के बदले पाकिस्तान से दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियों हो सकती हैं।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि अपराध शाखा की टीम एक ऑपरेशन पर काम कर रही थी, तभी सूचना मिली थी कि कुछ लोग सेना से संबंधित गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दे रहे हैं। ये लोग जासूसी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
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इसके बाद पोखरण, बीकानेर, राजस्थान से हबीबुर्रहमान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से सेना के गोपनीय दस्तावेज, पोखरण सेना कैंप का नक्शा और लोकेशन बताने वाले कागजात बरामद किए गए। हबीबुर्रहमान से पूछताछ के बाद आगरा से सैन्यकर्मी परमजीत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों की मानें तो इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
हबीबुर्रहमान भारतीय सेना में ठेकेदार के रूप में काम कर रहा था। पोखरण क्षेत्र में संचालित इंदिरा रसोई में सब्जियां सप्लाई करने का ठेका भी उसके पास था। इस कारण आरोपी की पहुंच सेना की रसोई तक थी। परमजीत की पहले तैनाती पोखरण में ही थी। इस कारण उसकी हबीबुर्रहमान व परमजीत की जान-पहचान थी। इन दोनों को कागजात कमल नाम के व्यक्ति को देने थे।
पाकिस्तान जाने पर हैंडलरों के संपर्क में आया
विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि हबीबुर्रहमान के रिश्तेदार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। वह कुछ वर्ष पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था। इसी दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया था। हैंडलरों के कहने पर खुफिया नेटवर्क में शामिल हो गया। पाकिस्तान हैंडलरों ने इससे कागजात मांगे। जासूसी नेटवर्क में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हो गई है।
हवाला के जरिये खातों में आए पैसे
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय दस्तावेज देने की एवज में दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए। बैंक खातों की डिटेल से इसकी पुष्टि होती है। इनके कई बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। बैंक खातों में काफी पैसे हैं।
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हबीब गोपनीय दस्तावेज आगे आईएसआई हैंडलर को देता था। इन पाकिस्तान हैंडलर को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। गोपनीय दस्तावेज देने के बदले पाकिस्तान से दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियों हो सकती हैं।
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दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि अपराध शाखा की टीम एक ऑपरेशन पर काम कर रही थी, तभी सूचना मिली थी कि कुछ लोग सेना से संबंधित गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दे रहे हैं। ये लोग जासूसी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
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इसके बाद पोखरण, बीकानेर, राजस्थान से हबीबुर्रहमान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से सेना के गोपनीय दस्तावेज, पोखरण सेना कैंप का नक्शा और लोकेशन बताने वाले कागजात बरामद किए गए। हबीबुर्रहमान से पूछताछ के बाद आगरा से सैन्यकर्मी परमजीत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों की मानें तो इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
हबीबुर्रहमान भारतीय सेना में ठेकेदार के रूप में काम कर रहा था। पोखरण क्षेत्र में संचालित इंदिरा रसोई में सब्जियां सप्लाई करने का ठेका भी उसके पास था। इस कारण आरोपी की पहुंच सेना की रसोई तक थी। परमजीत की पहले तैनाती पोखरण में ही थी। इस कारण उसकी हबीबुर्रहमान व परमजीत की जान-पहचान थी। इन दोनों को कागजात कमल नाम के व्यक्ति को देने थे।
पाकिस्तान जाने पर हैंडलरों के संपर्क में आया
विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि हबीबुर्रहमान के रिश्तेदार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। वह कुछ वर्ष पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था। इसी दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया था। हैंडलरों के कहने पर खुफिया नेटवर्क में शामिल हो गया। पाकिस्तान हैंडलरों ने इससे कागजात मांगे। जासूसी नेटवर्क में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हो गई है।
हवाला के जरिये खातों में आए पैसे
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय दस्तावेज देने की एवज में दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए। बैंक खातों की डिटेल से इसकी पुष्टि होती है। इनके कई बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। बैंक खातों में काफी पैसे हैं।