फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   AAP alleges 490 MT of oxygen allocated to Delhi, but never got full quota

आप का आरोप, दिल्ली को आवंटित की 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन, लेकिन कभी नहीं मिला पूरा कोटा

Thu, 29 Apr 2021 02:50 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 29 Apr 2021 02:50 PM IST
सार

आम आदमी पार्टी नेता राहुल मेहरा ने आरोप लगाया कि देश के हर राज्य को उसकी जरूरत को देखते हुए ऑक्सीजन का कोटा निरधारित किया गया था, लेकिन इस कोटे को भी राज्यों को न उपलब्ध कराने का मतलब लोगों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करना है... 

विज्ञापन
AAP alleges 490 MT of oxygen allocated to Delhi, but never got full quota
दिल्ली पहुंची ऑक्सीजन ट्रेन - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने दिखाने के लिए दिल्ली का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 490 मीट्रिक टन अवश्य कर दिया है, लेकिन आज तक उसे यह आपूर्ति कभी की ही नहीं गई। अभी तक जिस दिन सबसे ज्यादा ऑक्सीजन दिल्ली को उपलब्ध कराई गई, वह मात्रा केवल 400 मीट्रिक टन तक सीमित रह गई। केंद्र को इस लापरवाही के कारण कोर्ट की कड़ी फटकार भी सुननी पड़ी।

विज्ञापन


आम आदमी पार्टी नेता राहुल मेहरा ने आरोप लगाया कि देश के हर राज्य को उसकी जरूरत को देखते हुए ऑक्सीजन का कोटा निरधारित किया गया था, लेकिन इस कोटे को भी राज्यों को न उपलब्ध कराने का मतलब लोगों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करना है।  

विज्ञापन

कोर्ट की फटकार

आप नेता ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति को बिगाड़ने वाले दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए पूछा है कि दिल्ली में ऑक्सीजन का आवंटन किस आधार पर किया गया है और ऑक्सीजन की कमी को दूर करने की योजना किस प्रकार बनायी गई है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि दिल्ली को आवंटित 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कब तक मिलने लग जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

दवाओं को लेकर भी कडाई

राहुल मेहरा ने कहा कि दिल्ली हाइकोर्ट ने एंटी वायरल ड्रग रेमेडिसविर की कमी को लेकर भी केंद्र सरकार को लताड़ा है। हाईकोर्ट ने नए प्रोटोकोल के हिसाब से रेमडेसिविर के इस्तेमाल पर केंद्र की आलोचना की। उच्च न्यायालय ने केंद्र से यह भी पूछा कि यह निर्णय किस आधार पर किया गया कि दिल्ली सरकार को कितनी मात्रा में दवा दी जानी थी। क्या कोई भी दवा खरीदने के लिए सीधे मैन्युफैक्चरर या सप्लायर्स के पास जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed