{"_id":"5f56813c8ebc3e446940d8b0","slug":"4-burglar-arrested-ashram-news-noi534745253","type":"story","status":"publish","title_hn":"फेरीवाले बन सेंधमारी करने वाले दबोचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फेरीवाले बन सेंधमारी करने वाले दबोचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेरीवाले बन सेंधमारी करने वाले दबोचे
नई दिल्ली। फेरीवाला बनकर कॉलोनियों में रेकी करने के बाद रात के समय घरों में सेंधमारी करने वाले गिरोह को रविवार को कालकाजी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। सेंधमारी करने वाले 4 आरोपियों के साथ चोरी का माल खरीदने वाले को भी पकड़ा है। आरोपियों से करीब एक करोड़ के गहने, 8 लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल फर्जी नंबर प्लेट लगी कार, सेंधमारी से संबंधित औजार व अन्य सामान बरामद हुआ है। आरोपी पिछले कुछ समय के भीतर ही 4 राज्यों में बड़ी वारदात कर चुके हैं।
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि सेंधमारी करने वालों की पहचान गाजियाबाद निवासी अमित कुमार गुप्ता व अमन खान, मैनपुरी निवासी मोहम्मद राशिद और मनोज श्रीवास्तव उर्फ मोनू चौहान व चोरी का माल खरीदने वाले की अमित कुमार वर्मा उर्फ विक्की के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि कालकाजी थाना इलाके में बीती 30 अगस्त को रविंद्र कुमार नाम के शख्स ने अपने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर सरवेश कुमार के नेतृत्व में एसआई नवीन, एएसआई प्रवीन कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह व मनीष की टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में आरोपी एक कार में नजर आए। नंबर से जांच करने पर पता चला कि कार धर्मेश कुमार नामक शख्स के नाम पर है, जो सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हो गई थी। धर्मेश ने कार मायापुरी में कबाड़ी को बेच दी थी। इसी कार के नंबर के साथ आरोपियों ने मुंबई में भी वारदात की थी। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह रैकी कर वारदात कर चुके थे।
पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना पर दो आरोपियों अमित गुप्ता और अमन खान को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ के बाद राशिद, मनोज और अमित कुमार को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। सभी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों से एक चोरी की हुई कार भी बरामद हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। फेरीवाला बनकर कॉलोनियों में रेकी करने के बाद रात के समय घरों में सेंधमारी करने वाले गिरोह को रविवार को कालकाजी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। सेंधमारी करने वाले 4 आरोपियों के साथ चोरी का माल खरीदने वाले को भी पकड़ा है। आरोपियों से करीब एक करोड़ के गहने, 8 लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल फर्जी नंबर प्लेट लगी कार, सेंधमारी से संबंधित औजार व अन्य सामान बरामद हुआ है। आरोपी पिछले कुछ समय के भीतर ही 4 राज्यों में बड़ी वारदात कर चुके हैं।
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि सेंधमारी करने वालों की पहचान गाजियाबाद निवासी अमित कुमार गुप्ता व अमन खान, मैनपुरी निवासी मोहम्मद राशिद और मनोज श्रीवास्तव उर्फ मोनू चौहान व चोरी का माल खरीदने वाले की अमित कुमार वर्मा उर्फ विक्की के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि कालकाजी थाना इलाके में बीती 30 अगस्त को रविंद्र कुमार नाम के शख्स ने अपने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर सरवेश कुमार के नेतृत्व में एसआई नवीन, एएसआई प्रवीन कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह व मनीष की टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में आरोपी एक कार में नजर आए। नंबर से जांच करने पर पता चला कि कार धर्मेश कुमार नामक शख्स के नाम पर है, जो सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हो गई थी। धर्मेश ने कार मायापुरी में कबाड़ी को बेच दी थी। इसी कार के नंबर के साथ आरोपियों ने मुंबई में भी वारदात की थी। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह रैकी कर वारदात कर चुके थे।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना पर दो आरोपियों अमित गुप्ता और अमन खान को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ के बाद राशिद, मनोज और अमित कुमार को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। सभी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों से एक चोरी की हुई कार भी बरामद हुई।
विज्ञापन