दिल्ली में शर्मसार हुई इंसानियत: गणेश पंडाल से प्रसाद उठाकर खाने पर युवक को बांधकर पीटा, घर पहुंचकर हुई मौत
पड़ोसी पीड़ित मोहम्मद इशाक उर्फ इसार को उसके घर ले आया। इसार ने रोते-रोते परिजनों को सारी बात बताई। ज्यादा पिटाई की वजह से कुछ ही देर बाद इसार ने घर पर ही दम तोड़ दिया।
विस्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में महज प्रसाद उठाकर खाने पर एक युवक को खंभे से बांधकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया। 10-12 लड़के जानवरों की तरह युवक को पीटते रहे। इस दौरान युवक रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। युवक को अधमरी हालत में छोड़कर सभी आरोपी फरार हो गए।
दोपहर के समय एक पड़ोसी पीड़ित मोहम्मद इशाक उर्फ इसार (22) को उसके घर ले आया। इसार ने रोते-रोते परिजनों को सारी बात बताई। ज्यादा पिटाई की वजह से कुछ ही देर बाद इसार ने घर पर ही दम तोड़ दिया। देर रात को मामले की सूचना पुलिस को दी गई। छानबीन हुई तो वारदात का खुलासा हुआ। घटना का एक वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद इलाके में तनाव उत्पन्न हो गया। एहतियात के तौर पर एरिया में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि इसार ने घर से कुछ दूरी पर लगे गणेश पंडाल से प्रसाद उठाकर खा लिया था। इसी बात पर उसे बांधकर पीटा गया।
वहीं स्थानीय लोगों ने इसार के विशेष समुदाय का होने की वजह से पीटने के आरोप लगाए। पुलिस इससे इनकार कर रही है। जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की का कहना है कि इसार को चोरी के शक में पकड़कर डंडों से पीटा गया। मामले की छानबीन जारी है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से धामपुर, बिजनौर, यूपी का रहने वाला इसार अपने परिवार के साथ ई-57/बी352, सुंदर नगरी में रहता था। इसके परिवार में बुजुर्ग पिता अब्दुल वाजिद, चार बहन इमराना, नियाब, समरीन और उज्मा है। इसार के पिता एरिया में फल बेचने की रेहड़ी लगाते हैं। कई साल पहले मां साबरी की मौत हो चुकी है।
जब वह खुद मजदूरी करता था। इसार की बहन ने बताया कि मंगलवार तड़के वह घर से निकल गया। इस बीच सुबह करीब पांच बजे वह घर से चंद कदमों की दूरी पर जी-4 ब्लॉक पहुंचा। यहां पर गणेश पंडाल लगा हुआ था। इसार ने गणेश पंडाल से केला उठाकर खा लिया। वहां मौजूद लड़कों ने जब इसार को प्रसाद उठाकर खाते देखा तो वह भड़क गए। इन लोगों ने उसे पकड़ लिया और वहीं एक खंभे से बांध दिया। इसके बाद उसे लाठी-डंडे से पीटा गया। वहां मौजूद कुछ लड़के पिटाई का वीडियो भी बनाते रहे, जिसमें से एक वीडियो वायरल हो गया। इधर अधमरी हालत में इसार को सड़क पर फेंक दिया गया। दोपहर के समय एक पड़ोसी लड़का आमिर वहां से गुजरा तो इसार ने आवाज देकर उसे रोका।
बाद में आमिर ई-रिक्शा से उसे घर ले कर पहुंचा। इस बीच इसार के पिता वाजिद को पता चला तो वह घर पहुंच गया। इसार ने शाम करीब 6.30 बजे रोते हुए पिता को कुछ लड़कों के नाम बताए। 7.00 बजे उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों को घटना का पता चला कि उन्होंने पुलिस को खबर देने की बात की। रात करीब पौने 11 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसार का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। क्राइम टीम और एफएसएल ने जी-4 जाकर घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद इसार का शव परिवार के हवाले कर दिया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास
जैसे ही इसार की मौत का लोगों को पता एरिया में लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ शरारती तत्वों ने घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। इन लोगों का आरोप था कि इसार के विशेष समुदाय का होने की वजह से उसको बांधकर पीटा गया। इसार इन लड़कों से रहम की भीख मांगता रहा। लेकिन उसकी एक न सुनी गई। वहीं जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महज चोरी के शक में युवक को पकड़ा गया। बाद में उसकी पिटाई की गई। फिलहाल घटना में सांप्रदायिक एंगल सामने नहीं आया है। इस बात का भी पता किया जा रहा है कि इतनी सुबह युवक क्या करने घर से निकाला था। युवक का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
चार बहनों का इकलौता भाई था इसार, परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़...
मो. इशाक उर्फ इसार चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक परिजन ने बताया कि इसार बहुत ही सीधा और भोला था। उसे गुटका खाने के अलावा किसी भी तरह के नशे की लत नहीं थी। उसे जो छोटा-मोटा काम मिलता था वह कर लिया करता था। एक अन्य परिजन ने बताया कि काफी मन्नतों के बाद इसार का जन्म हुआ था। अब उसकी मौत ने परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है। इसार के पिता ने रोते हुए बताया कि अल्लाह को पता नहीं क्या मंजूर है। कई साल पहले सड़क हादसे में उनकी बेटी नजरानी की भी मौत हो गई थी। बेटा भी अल्लाह ने उनसे छीन लिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने इसार के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।