पौष्टिक नहीं है रहा दूध, अमूल और मदर डेयरी के नमूने फेल
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पैकेट वाला व डेयरी में खुला बिकने वाला दूध सेहत के लिए सुरक्षित और पौष्टिक नहीं है। लखनऊ स्थित लैब से जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग को मिली रिपोर्ट में मदर डेयरी दूध के सात व एक पनीर का नमूना फेल हो गया है।
वहीं, अमूल का टोंड दूध, डेयरी से खुला मिलने वाला दूध और गोपालजी के पनीर से पौष्टिक तत्व गायब मिले हैं। जिला अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि करीब दो दर्जन खाद्य पदार्थों के नमूने फेल हो गए हैं।
तीन माह में जिले में अलग-अलग स्थानों से लिए गए मदर डेयरी के डबल टोंड, टोंड व फुल क्रीम दूध के नमूने फेल हो गए हैं। सभी में मानक से कम वसा और सॉलिड नॉट फैट (एसएनएफ) मिला है।
ये नमूने भी हुए फेल
पनीर में भी फैट 33 फीसदी के करीब मिला है, जो 50 फीसदी होना जरूरी है। इसके अलावा अन्य खाद्य पदार्थों में डबल हिरन सरसों का तेल और मोर शॉप से लिया गया जीरे का नमूना फेल हो गया है।
जीरा खराब पाया गया है जबकि सरसों तेल में हानिकारक तत्व मिले हैं। सोया पनीर, क्रीम रोल सहित बोतल बंद पानी के 11 नमूने भी फेल हो गए हैं। इनमें से किसी में भी पांच लाख से कम का जुर्माना नहीं है।
जिला अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने के मामले में कंपनियों, संस्थानों और दुकानदारों पर हाल ही में अपर जिला मजिस्ट्रेट की ओर से 13 मामलों में 57 लाख का जुर्माना किया गया है।
कैफे कॉफी डे पर 16 लाख का जुर्माना
कैफे कॉफी डे पर सबसे ज्यादा 16 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसमें सेक्टर-63 कैफे कॉफी डे के वेज चीज सैंडविच और सेक्टर-18 कैफे कॉफी डे का आइसक्रीम का नमूना फेल हुआ है।
ग्रेटर नोएडा स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल की कैंटीन से पैकेट बंद मूंगफली का नमूना लिया गया था। मूंगफली खराब पाई गई हैं। स्कूल पर चार लाख का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, कैंटीन संचालक और इससे जुड़े एक अन्य पर चार-चार लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया विश्वविद्यालय की कैंटीन से लिया गया मक्खन का नमूना फेल हो गया है। इसमें वसा मानकों से कम मिला है। यहीं से लिया गया सॉस का नमूना भी फेल हुआ है, जिसमें स्टार्च पाया गया है।
25-25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया
25-25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसके अलावा फॉरच्यून चावल, सूजी रस्क, चारौली में 2012 में हुई फूड प्वाइजनिंग में तेल का नमूना फेल होने, मावे में स्टार्च आदि की मिलावट की पुष्टि हुई थी। सभी पर जुर्माना किया गया है।
विनीत कुमार ने बताया कि जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के मामले में दुकानदारों, संस्थानों और कंपनियों पर करीब पौने दो करोड़ रुपये का जुर्माना किया जा चुका है। देश में सात करोड़ जबकि यूपी में तीन करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ वंदना शर्मा के मुताबिक सॉलिड नॉट फैट में लैक्टोज, विटामिन्स, मिनरल्स समेत जरूरी तत्व शामिल हैं। दूध का सेवन शरीर में इन तत्वों का पहुंचने का मुख्य जरिया है। दूध में यदि यह तत्व कम होंगे तो कुपोषण, शरीर और दिमाग के विकास में कमी और विटामिन की कमी हो जाएगी।