Delhi Car Blast: 'शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी गई', दिल्ली ब्लास्ट मामले में AAP का बड़ा आरोप
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भारी अव्यवस्था है और पीड़ितों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी जा रही। सरकार ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
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आप के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाके में घायल हुए लोगों व मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पहुंचे आप नेताओं ने अस्पताल में व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भारी अव्यवस्था है और पीड़ितों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी जा रही। सरकार ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यह सरकार तालिबान को एंबुलेंस दे सकती है लेकिन देश के लोगों को नहीं जिनके घरों में धमाके से तबाही मची है। पीड़ित परिवार बेहद पीड़ा में हैं। प्रतिनिधिमंडल में विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा, पूर्व मंत्री इमरान हुसैन, विधायक कुलदीप कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इस अस्पताल में देश के गृह मंत्री आए , फिर मुख्यमंत्री आई , और मृतकों के परिवारों को गहरी संवेदना के बड़े बड़े उपदेश दिए
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) November 11, 2025
मगर लाश ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं है
सारी तालिबान को एम्बुलेंस दे दी ? pic.twitter.com/DTbw1lsdMS
राष्ट्रीय राजधानी के लाल किले के पास हुए धमाके को दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में ''बम विस्फोट'' करार दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी हमले की साजिश व सजा से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। इस बम विस्फोट में 10 लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियां कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इन धाराओं में एफआईआर दर्ज
उतरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकी यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत दर्ज की गई है, जो आतंकवादी हमले के लिए सजा और साजिश से संबंधित है। इसके अतिरिक्त विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत धारा तीन जीवन को खतरे में डालने वाले विस्फोट के लिए और धारा चार विस्फोट करने के प्रयास के लिए भी आरोपों में जोड़ी गयी हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं भी लगाई गई हैं।
इनमें हत्या के लिए धारा 103(1), हत्या के प्रयास के लिए धारा 109(1) और वरिष्ठ अधिकारी पर हमले के लिए उकसाने के लिए धारा 161(2) शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिससे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई वाहन जलकर खाक हो गए।
एफआईआर में ये कहा गया है-
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास हुए विस्फोट के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि ...यह एक बम विस्फोट है।
पुलिस चौकी की दीवार क्षतिग्रस्त हुई है-
प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि विस्फोट में दिल्ली पुलिस चौकी की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। प्राथमिकी में शिकायतकर्ता लाल किले के चौकी प्रभारी विनोद नैन हैं। प्राथमिकी के अनुसार एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के कारण चौकी की दीवार ढह गई। पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और देखा कि कारें जल रही थीं, जबकि घायल सड़क पर पड़े थे। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
10 नवंबर दोपहर 3.19 बजे पार्किंग में आई-20 कार ने किया प्रवेश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कार ने 10 नवंबर की दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में प्रवेश किया। शाम 6:48 बजे पार्किंग से निकली। इसके महज चार मिनट बाद ही 6:52 बजे सुभाष मार्ग लाल बत्ती पर कार में ब्लास्ट हुआ। धमाके की चपेट में आसपास खड़े कई और वाहन भी आ गए।
धमाका शाम करीब 6.52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ। धमाके के बाद व्यस्त इलाके में शव क्षत-विक्षत पड़े मिले। कई वाहन भी जल गए। विचलित करने वाले दृश्यों में जमीन पर शव और शरीर के कटे हुए अंग दिखाई दे रहे थे।