लॉकडाउन से पहले जैसे सफर का आनंद नहीं ले पाएंगे मेट्रो में, शर्तों के साथ आज से यात्रा
मेट्रो में लॉकडाउन से पहले जैसे सफर को भूलना होगा क्योंकि कोरोना काल में कुछ आदतों में बदलाव लाने पर ही आप मेट्रो में यात्रा कर पाएंगे। मुंह पर मास्क, सैनिटाइजेशन, सामाजिक दूरी, कम वजन, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही केवल स्मार्ट कार्ड से यात्रा कर सकेंगे।
स्मार्ट कार्ड के लिए भी डेबिट, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई पेंमेंट के जरिये कैशलेस भुगतान ही किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान नकद लेनदेन पर पाबंदी रहेगी। संक्रमण से बचाव के लिए आरोग्य सेतु एप जरूरी होगा, नियमों की अनदेखी करने वालों को जुर्माना भी भरना होगा।
उधर, येलो लाइन पर कुतुब मीनार और छतरपुर स्टेशन के बीच मेट्रो का ट्रायल किया गया ताकि लंबे समय के बाद मेट्रो के परिचालन में किसी तरह की परेशानी न आए। छतरपुर मेट्रो स्टेशन से दोपहर करीब 2.00 से 2.40 बजे के दौरान ट्रैक पर चार मेट्रो ट्रेनें गुजरीं। स्टेशन के इर्द गिर्द और अंदर भी घड़ियों में समय का मिलान करने के बाद उदघोषाएं भी हो रही थीं।
सुबह सात बजे से सेवाएं शुरू होने पर यात्रियों को स्मार्ट कार्ड खरीदने में किसी तरह परेशानी न आए, इसके लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए थे। मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ के जवान और अधिकारी भी सेवाएं शुरू होने से पहले तैयारियों में व्यस्त नजर आए।
सामाजिक दूरी, कम प्रवेश-निकास गेट खुलने सहित थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन सहित संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी उपायों के पालन के सिलसिले में भी यात्रियों की संख्या पहले के मुकाबले 20-25 फीसदी तक ही रह जाएगी। एस्केलेटर पर एक सीढ़ी छोड़कर खड़े होने, एक सीट छोड़कर कोच में बैठने के अलावा लिफ्ट में भी संक्रमण से बचाव के लिए एक बार में तीन ही यात्री प्रवेश कर सकेंगे। पैरों से लिफ्ट संचालन करने के लिए16 स्टेशनों पर इंतजाम किए गए हैं।
भीड़ हुई तो शार्ट लूप में दौड़ेगी मेट्रो
भीड़भाड़ को देखते हुए अलग-अलग लाइनों पर टर्मिनल स्टेशन या शॉर्ट लूप से मेट्रो का परिचालन किया जा सकता है। ट्रेन की रफ्तार उस वक्त की स्थिति के मुताबिक तय की जाएगी। स्मार्ट फोन धारकों के पास आरोग्य सेतु एप का होना जरूरी है।
जरूरी होने पर ही पीक आवर्स में करें सफर
नए मानदंडों के पालन के लिए ट्रैवल पैटर्न में बदलाव के सुझाव भी दिए गए हैं। यानि पीक आवर्स में सुबह के काम को कुछ देर के लिए टाला जा सकता है। समय की जरूरत और संक्रमण से बचाव को देखते हुए डीएमआरसी ने ‘ब्रेक द पीक’ को अपनाने की अपील की है। इसके तहत पीक आवर्स में एक साथ अधिक यात्रियों की बजाय टुकड़ों में सफर करें। इससे सुबह या शाम के वक्त मेट्रो में अधिक भीड़ नहीं होगी और नियमित अंतराल पर यात्रियों को सफर का मौका मिलेगा।
1000 अतिरिक्त कर्मी-अधिकारी रहेंगे तैनात
मेट्रो में सफर के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न आए और कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए करीब 1000 अधिकारियों और कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। एहतियातों का पालन न करने पर यात्रा करने से भी रोका जा सकता है।
इनका रखें ध्यान
- मेट्रो में सफर के दौरान यात्रियों को मास्क पहनना जरूरी होगा।
- हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही सफर का मौका मिल सकेगा।
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य होगा।
- कोच में एक सीट छोड़कर बैठना होगा। स्टेशन परिसर में भी चिन्हित स्थानों पर खड़े रहना होगा।
- अधिक भीड़ न हो इसके लिए प्रवेश या निकास के लिए एक-दो गेट ही खोले जाएंगे।
- सफर से पहले दिल्ली मेट्रो की वेबसाइट देख लें ताकि बंद स्टेशनों की जानकारी मिल जाए।
- सोशल मीडिया के जरिये भी यात्रियों को बंद स्टेशनों की जानकारी दी जाएगी।
मेट्रो के लिए बढ़ेगा इंतजार
यात्रियों के लिए स्टेशनों पर मेट्रो का इंतजार बढ़ जाएगा। लॉकडाउन से पहले सामान्य तौर पर दो मिनट के अंतराल पर पहुंचने वाली मेट्रो अब 2 मिनट, 44 सेकेंड से 5 मिनट, 28 सेकेंड के अंतराल पर पहुंचेगी। किसी स्टेशन पर अधिक भीड़भाड़ हो या कंटेनमेंट जोन के दायरे में है तो वहां मेट्रो नहीं रुकेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इंटरचेंज स्टेशन को छोड़, सभी स्टेशनों पर मेट्रो पहले की तुलना में 10-20 सेकेंड अधिक रुकेगी।
येलो लाइन पर 49 किलोमीटर के सफर के दौरान बीच में पड़ने वाले हर स्टेशन मेट्रो यदि 10 सेकेंड अधिक रुकती है तो हुडा सिटी सेंटर से रवाना होने वाली ट्रेन के समयपुर बादली तक पहुंचने में छह मिनट अधिक लगेंगे। कंटनेमेंट जोन के बारे में सूचना रोजाना सुबह वेब और सोशल मीडिया के जरिए दी जाएगी।
नहीं रख सकेंगे 30 मिली से अधिक सैनिटाइजर
यात्री खुद को संक्रमण से बचाने के लिए सैनिटाइजर रख सकते हैं, लेकिन 30 मिली. से अधिक नहीं होना चाहिए। मेटलिक आइटम और लगेज कम से कम रखने की सलाह दी गई है।