विधानसभा में फूलों का खर्च सुन चौंक जाएंगे!
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दिल्ली विधानसभा परिसर में अब फूलों से बड़ी सजावट सिर्फ साल में एक बार उपराज्यपाल के आगमन पर ही की जाएगी। बाकी सत्र में फूल-पत्तियों की बड़ी सजावट नहीं की जाएगी।
यह निर्देश विस के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सचिवालय को जारी किए हैं। गोयल का तर्क है कि एक बार सजावट का बिल लोक निर्माण विभाग ने करीब 65 हजार रुपये का दिया था, जो पैसे की बर्बादी है।
विस से जुड़े अधिकारी ने बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार के गठन के बाद जब विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह और उपराज्यपाल के अभिभाषण के लिए सत्र हुआ तो उसमें हमेशा की तरह फूलों से सजावट की गई।
अब नहीं होगी फूलों से सजावट
इस पर विस अध्यक्ष ने अधिकारियों को बुलाकर खर्च की पूछताछ की। इतना ही नहीं उसके बिल भी मंगवाए। बड़े खर्च को देखते हुए यह निर्देश जारी कर दिए गए भविष्य में उपराज्यपाल के विस आगमन के अलावा सत्र के बाकी दिनों में इस तरह से फूलों की सजावट पर राशि खर्च न की जाए।
अमर उजाला से बातचीत में गोयल ने कहा कि जनता के पैसे इस तरह खर्च नहीं किए जाने चाहिए। उपराज्यपाल के सम्मान में यह किया जाता है तो एक दिन चलेगा।
बाकी दिन इस तरह की सजावट पर राशि खर्च नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार के गैर वाजिब खर्चों में कटौती की बात अरविंद केजरीवाल की सरकार पहले भी कर चुकी है। वहीं, बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में बिजली कंपनी को टेंट व कुर्सी पर अधिक खर्च को लेकर फटकार लगाई है।