'मुझे फक्र है AAP पर आरोप लगाने का'
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राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन आम आदमी पार्टी ने योगेंद्र यादव का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। योगेंद्र यादव ने आप की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी से इस्तीफा दिया था।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि योगेंद्र यादव ने पार्टी के इस फैसले बाद कहा कि उन्हें अपने इस कदम पर फक्र है।
उनके अनुसार पार्टी में इन मुद्दों पर चर्चा होना बेहद जरूरी था। इसलिए उन्हें फक्र है कि उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की गई।
ये हैं योगेंद्र यादव के आठ आरोप
बैठक में योगेंद्र यादव ने पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी से इस्तीफा देने का कारण बताया। लेकिन इन कारणों में उन्होंने पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगा दिए।
योगेंद्र यादव के इन आठ (1. स्वराज के मुद्दे से भटकी पार्टी। 2. पीएसी की सलाह को दरकिनार करते हैं केजरीवाल। 3. पीएसी के सामने अनदेखी हो जाती है राष्ट्रीय कार्यकारिणी।
4. नेता से सुप्रीमो कल्चर की तरफ बढ़ती पार्टी। 5. कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श का तंत्र नदारद। 6. पीएसी की कार्यप्रणाली ठीक नहीं। 7. राज्यों के मुद्दों पर गौर नहीं, संगठन निर्माण की अनदेखी। 8. नीतिगत स्तर पर भारी क्राइसिस।) आरोपों से पार्टी में तहलका मचने के आसार हैं।
मनीष सिसोदिया का जवाब
मनीष सिसोदिया ने योगेंद्र यादव को जवाब देते हुए कहा है कि अरविंद हमेशा आपका समर्थन करते हैं। उन्होंने आपको हरियाणा के मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करने और गुड़गांव से चुनाव लड़ने की आपकी इच्छा के आगे पीएसी के ज्यादातर सदस्यों की बात को अनसुना किया।
15 दिन से आपके व नवीन जयहिंद के बीच गंदा झगड़ा चल रहा है। दोनों के बीच मीडिया के जरिए लड़ाई हो रही है। इससे पार्टी बदनाम हो रही है। नवीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होता देख आप जबरन अरविंद को भी इसमें घसीट रहे हैं।
कहीं आपकी कोशिश पार्टी को खत्म करने की तो नहीं है? आप नवीन के खिलाफ लड़ाई जीतना चाहते हैं या अरविंद को खत्म करना चाहते हैं?