'भ्रष्ट व्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है सरकार'
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आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सहयोगियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच साझा करने पर आपत्ति जताई है।
योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण व उनके स्वराज अभियान का कहना है कि अभी तक पूरी राजनीतिक व्यवस्था को भ्रष्ट बताने वाले आप के मुखिया फिलहाल उसी व्यवस्था के एक बड़े खिलाड़ी को ईमानदारी का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।
अभियान का कहना है कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से उपजी पार्टी धीरे-धीरे व्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है। मीडिया को जारी विज्ञप्ति में स्वराज अभियान का कहना है कि आप फिलहाल नीतीश कुमार की व्यक्तिगत ईमानदारी की उसी तरह दुहाई दे रही है, जैसा कभी कांग्रेस अपने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आड़ में करते थे।
स्वराज अभियान ने नीतीश से केजरी की नजदीकियों का किया विरोध
स्वराज अभियान का आरोप है कि जिस तरह मनमोहन सिंह एक भ्रष्ट सरकार के प्रतीक थे, उसी तरह नीतीश कुमार भी बिहार में एक भ्रष्ट सरकार के मुखिया रहे हैं। इतना ही नहीं, नीतिश कुमार जिस गठबंधन के चेहरा हैं, उसमें लालू प्रसाद यादव की राजद और कांग्रेस भी शामिल है।
इस तरह के गठबंधन को समर्थन देकर आप ने जनलोकपाल आंदोलन की भावना से धोखा किया है। अभियान का आरोप है कि आप का हर छोटा कदम भ्रष्टाचार के कीचड़ में फंसता जा रहा है।
पहले चुनाव के वक्त गलत लोगों को टिकट दिया गया। फिर, नियम-संविधान की धज्जियां उड़ाकर पार्टी को एक व्यक्ति के हाथ में छोड़ दिया गया। वहीं, आप सरकार के मंत्री भी घपलों में फंसे।