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आधी रात गिरफ्तारी से रिहाई तक क्या-क्या हुआ योगेंद्र के साथ

Tue, 11 Aug 2015 09:08 PM IST
Updated Tue, 11 Aug 2015 09:08 PM IST
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Yogendra said police beat me, given the threat to kill

स्वराज अभियान के तहत जय किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे योगेंद्र यादव को सोमवार देर रात 12 बजे के बाद दिल्ली पुलिस ने विधायक पंकज पुष्कर व अन्य समर्थकों समेत जंतर-मंतर से गिरफ्तार कर लिया।

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योगेंद्र उस समय अपने समर्थकों के साथ उस हल को लेकर धरने पर बैठे थे, जिसे वह रेस कोर्स क्लब में किसान स्मारक के रूप में रखना चाहते थे। पुलिस ने परमीशन खत्म होने की बात कहकर जाने को कहा।
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वह नहीं उठे तो उन्हें हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले गई। योगेंद्र का आरोप है कि पुलिस ने उनकी पिटाई की। मंगलवार को गिरफ्तारी के विरोध में प्रशांत भूषण की याचिका पर हाईकोर्ट ने पुलिस को देरी से पेश करने पर फटकार लगाई।
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पूरा हाई वोल्टेज ड्रामा रात 12 बजे के बाद का है

Yogendra said police beat me, given the threat to kill

पुलिस ने तब कोर्ट को बताया कि योगेंद्र यादव समेत पकड़े गए सभी 83 लोगों को रिहा कर दिया गया। पूरा हाई वोल्टेज ड्रामा रात 12 बजे के बाद का है।


जय किसान आंदोलन की सभा खत्म करने के बाद योगेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ हल को लेकर धरने पर बैठे थे। उसी समय अचानक पुलिस ने वहां पहुंचकर सभी को उठने के लिए कहा।

योगेंद्र ने विरोध जताया तो पुलिस जबरन हल समेत उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले गई। उन्हें समर्थकों सहित शांति भंग में गिरफ्तार करने के बाद योगेंद्र ने जब थाने की रेलिंग पर पहुंचकर घटना पर मीडिया से बात करने की कोशिश की तो एक इंसपेक्टर उन्हें धकियाते हुए अंदर लेकर चला गया।

योगेंद्र के साथ मारपीट की गई

Yogendra said police beat me, given the threat to kill

पार्टी नेताओं ने हिरासत के दौरान योगेंद्र की लिखी एक चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि योगेंद्र के साथ मारपीट की गई है। प्रो. आनंद कुमार के मुताबिक हम शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। फिर पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की।


गिरफ्तारी के बाद भी कानून के मुताबिक योगेंद्र को उनके वकील प्रशांत भूषण से नहीं मिलने दिया गया। यही नहीं सांसद धर्मवीर गांधी और अली अनवर भी उनसे मिलने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें बिठाए रखा पर मिलवाया नहीं गया।

योगेंद्र की पत्नी तक को पुलिस ने मिलने की इजाजत नहीं दी। कई कोशिश के बाद दोपहर दो बजे उनसे मिलवाया गया। उधर, शाम करीब 4 बजे पुलिस ने योगेंद्र समेत 83 लोगों को रिहा कर दिया।

नहीं दी गई थी गिरफ्तारी की जानकारी

Yogendra said police beat me, given the threat to kill

प्रशांत भूषण ने बताया कि वह रात करीब दो बजे से योगेंद्र से मिलने की कोशिश करते रहे लेकिन पुलिसवाले नहीं माने। यह कानून के खिलाफ है।


शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे या धरना दे रहे लोगों को परमीशन की जरूरत नहीं है। यह संविधान की धारा 19 में लिखा है। पुलिस को गिरफ्तारी की बात परिवार को सूचित कर कारण बताना होता है।

मगर योगेंद्र की गिरफ्तारी में ऐसा कुछ नहीं किया था।

जानिए कब-कब क्या हुआ योगेंद्र के साथ

Yogendra said police beat me, given the threat to kill

- रात 12:00 बजे के बाद योगेंद्र यादव को समर्थकों समेत गिरफ्तार कर लिया गया।
- रात 2:00 बजे वकील के तौर प्रशांत भूषण थाने मिलने पहुंचे लेकिन पुलिस ने नहीं मिलवाया।
- सुबह 9:00 बजे दो सांसद धर्मवीर गांधी, अली अनवर मिलने थाने पहुंचे पर नहीं मिलवाया गया।
- सुबह 10 बजे आप नेता संजय सिंह योगेंद्र से मिलने थाने पहुंचे तो उनके खिलाफ नारेबाजी हुई।
- दोपहर 2:00 योगेंद्र की पत्नी मधुलिका बनर्जी और विधायक पंकज पुष्कर की पत्नी को मिलने की इजाजत मिली।
- दोपहर 2:30 बजे प्रशांत भूषण ने दिल्ली हाईकोर्ट में गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दाखिल की।
- शाम 4:00 बजे पुलिस ने योगेंद्र समेत सभी 83 गिरफ्तार लोगों को रिहा कर दिया।
- शाम 4:30 बजे कोर्ट ने पुलिस को देरी से पेशी के लिए फटकार लगाई, पुलिस ने कहा कि रिहा कर दिया गया।

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