'शरीर की शुद्धि' के नाम पर दुष्कर्म करने का आरोपी बाबा 3 दिन की रिमांड पर, दिया चौंकाने वाला तर्क
राजधानी में बाबाओं की करतूत सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। दाती महाराज का मामला अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि जनकपुरी में रहने वाले योग गुरु हरि नारायण बाबा पर एक अध्यापिका ने दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपी बाबा को नैनीताल से गिरफ्तार कर लिया। शरीर शुद्धीकरण के नाम पर यौन शोषण करने वाले योग गुरु हरिनारायण बाबा को पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया है।
पूछताछ में बाबा ने माना है कि, बिना शारीरिक संबंध के शरीर शुद्धीकरण की चिकित्सा सफल नहीं हो सकती। इस चिकित्सा के बारे में किताब में भी लिखा गया है। आरोपी ने किसी अन्य महिला के साथ इस तरह की चिकित्सा करने की बात से इंकार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक पुलिस को भी किसी अन्य महिला से इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
इस मामले में गिरफ्तार दो महिलाओं के बारे में बाबा ने कहा कि वे स्वेच्छा से उसके संपर्क में आई थी। अभी तक की जांच में पता चला है कि दोनों महिलाएं आरोपी बाबा के साथ लंबे समय से संपर्क में थी। इनमें एक बाबा के आश्रम में सचिव थी और दूसरी एनसीआर के निजी स्कूल में टीचर। पीड़िता भी उसी स्कूल में पढ़ाती थी। टीचर ने पीड़िता को इस चिकित्सा के बारे में बताया था, लेकिन पीड़िता सिर्फ इलाज करवाने यहां पहुंची थी। गौरतलब है कि पीड़िता से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने रविवार को बाबा को नैनीताल से गिरफ्तार किया था।
जनकपुरी में आद्य परम योगपीठ के संचालक योग गुरु हरिनारायाण बाबा की करतूत के बारे में जानकर स्थानीय लोग हैरान हैं। उनका कहना है कि बाबा आश्रम के अंदर ही बैठे रहते थे। वह बाहर किसी से भी बात नहीं करते थे। बाबा के आश्रम आने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है, जो योग सीखने आती थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में पता चला है कि बाबा अपने परिवार के साथ जनकपुरी में रहता था, लेकिन कुछ वर्षों से वह फरीदाबाद में रहने लगा था। आरोपी शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। आद्य परम योगपीठ आश्रम की देखरेख एक महिला करती हैं, जो खुद को बाबा की सचिव बताती हैं।
पीड़िता को ऐसे फंसाया
पीड़िता के मुताबिक सुनीता 10 जुलाई को उसे जनकपुरी स्थित बाबा के आश्रम लेकर पहुंची। आश्रम में उनकी मुलाकात एक महिला से हुई, जिसने खुद को बाबा की सचिव बताया। उसने पीड़िता को कई घंटे बातों में उलझाए रखा। इससे पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से थक गई। इसके बाद उसे लेटाकर कुछ क्रियाएं करने लगी। उसने बताया कि तुम्हारे शरीर का एक चक्र बंद है, जिसके लिए बाबा से चिकित्सा करवानी होगी। पीड़िता ने घर जाने की इच्छा जताई, लेकिन सुनीता और सचिव ने उसे पूरा उपचार पूरा करवाने को कह रात को आश्रम में ही रोक लिया। नहाने और खाना खिलाने के बाद उसे अर्द्धनग्न हालत में एक कमरे में भेज दिया, जहां बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने महिला आयोग से की शिकायत
पीड़िता ने इस घटना की शिकायत महिला आयोग से की। आयोग की टीम जनकपुरी थाने में पीड़िता के साथ पहुंची। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया और दुष्कर्म का मामला दर्ज करने के बाद आश्रम पर छापा मारकर बाबा की सचिव को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि तब तक बाबा आश्रम से फरार हो चुका था। पुलिस ने सचिव से पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम को नैनीताल भेजकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीड़िता की परिचित अध्यापिका सुनीता को भी गिरफ्तार कर लिया।