मोस्ट वांटेड आतंकी को तिहाड़ में नहीं मिल रहे फल, अदालत ने मांगा जवाब
‘पैसे देने के बावजूद रमजान में नहीं दिए जा रहे फल’
- यासीन भटकल ने तिहाड़ जेल प्रशासन पर लगाया आरोप, अदालत ने मांगा जवाब
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इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सह संस्थापक यासीन भटकल ने तिहाड़ जेल प्रशासन पर उसे सही खाना और दवाएं न देने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि रमजान का महीना है और फल नहीं दिए जा रहे, जबकि इसके लिए वह पैसे देता है।
उसे जानबूझकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। यह मानवाधिकार का हनन है। उसने इसकी जांच सीबीआई व एसीबी से कराने की मांग की है। अदालत ने भटकल के आरोपों पर तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर 8 जून तक जवाब मांगा है।
पटियाला हाउस अदालत के समक्ष भटकल ने शिकायत दायर कर कहा है कि उसे पिछले चार माह से अलग रखा जा रहा है। इसके चलते वह कई तरह की शारीरिक व मानसिक बीमारियों से पीड़ित हो गया है। उसे उचित दवाएं भी नहीं दी जा रहीं।
घटिया खाना दिया जा रहा
यह भी आरोप है कि घटिया खाना दिया जा रहा है। उसने जेल कर्मियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बता दें कि कुछ दिन पहले भटकल ने अदालत में कहा था कि उसे अति सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल में कोठरी में रखा गया है।
इस पर जेल प्रशासन ने अपने जवाब में कहा कि तिहाड़ जेल में कोई कोठरी नहीं है। भटकल को निगरानी में रखा जा रहा है, क्योंकि उसके खिलाफ कई मामले विचाराधीन हैं। हैदराबाद के दिलखुश नगर में 2013 में धमाकों के लिए दोषी ठहराते हुए अदालत ने भटकल को फांसी की सजा सुनाई थी।
उसे बिहार में भारत-नेपाल सीमा से 28 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया गया था। वह एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था।