फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Yamuna Authority: Scam in land purchase 7 villages Mathura, involvement of officers and relatives

यमुना प्राधिकरण: मथुरा के 7 गांवों में हुआ जमीन घोटाला, फंस सकते हैं कई बड़े नेता

Tue, 05 Jun 2018 01:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Tue, 05 Jun 2018 01:54 PM IST
विज्ञापन
Yamuna Authority: Scam in land purchase 7 villages Mathura, involvement of officers and relatives

मथुरा के 7 गांवों में जमीन घोटाला अफसरों और उनके रिश्तेदारों के गठजोड़ से हुआ। जमीन खरीदने में 5 सिंडिकेट ग्रुप बन गए थे। प्राधिकरण ने जमीन खरीदने से पहले उसको भौतिक सत्यापन भी नहीं किया। जमीन ऊबड़-खाबड़ है। बिना समतल कराए, ये किसी काम कि नहीं है। अब इन ग्रुपों से जुड़े नामों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। 

विज्ञापन


यमुना प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ पीसी गुप्ता के कार्यकाल (16 अप्रैल 2013 से 10 जून 2015) में मथुरा के 7 गांवों में मास्टर प्लान से बाहर बिना किसी योजना के जमीन खरीदी गई। 57 एकड़ से अधिक जमीन आज भी खाली पड़ी है। जमीन खरीद में 5 ग्रुप शामिल हैं। एक ग्रुप पीसी गुप्ता का था। इसमें उनके रिश्तेदार स्वदेश गुप्ता, देवेश गुप्ता, सोनाली शामिल हैं। दूसरे ग्रुप में तत्कालीन तहसीलदार सुरेशचंद्र शर्मा और उनकी करीबी स्वातिदीप शर्मा और अन्य शामिल थे।
विज्ञापन


तीसरे ग्रुप में तत्कालीन तहसीलदार रणवीर सिंह और उनके रिश्तेदार मनोज कुमार, गौरव कुमार शामिल थे। रणवीर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। चौथा ग्रुप उस समय सत्ता के करीबी रहे मान सिंह यादव व उनके करीबी प्रमोद यादव, मीना यादव व अन्य शामिल हैं। पांचवें समूह में संजीव कुमार, हिमालया इंफ्रावेंचर प्राइवेट लिमिटेड, एएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड, डॉटा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन लोगों ने मिलकर करीब 41 हेक्टेयर जमीन खरीदी। जमीन खरीदने के 2 से 4 माह बाद ही यमुना प्राधिकरण ने इनसे खरीद ली। इन लोगों को तय दर से अधिक मुआवजा भी दिया गया, जिससे यीडा पर 126 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा।   

विज्ञापन
विज्ञापन

इन कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी

पीसी गुप्ता ने जानकार कंपनियों को बांटे ठेके
यीडा के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता ने न सिर्फ जमीन खरीदने में अपने करीबियों को लाभ दिए, बल्कि अपने से जुड़ी कंपनियों को ठेके भी बांटे। यीडा अब इन कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी कर रहा है। जमीन घोटाले में रजनीश कार्पोरेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और बीएम इंफ्राट्रेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सिविल और उद्यान विभाग में काम करती रही हैं। इस कंपनी में प्रमोद यादव के अलावा मान सिंह यादव व मीना यादव का भी नाम है।

यह कंपनी यमुना व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उद्यान व निर्माण कार्यों का ठेका लेकर काम कराती है। तीन महीने के भीतर इनकी फर्मों पर ठीक से काम नहीं करने के आरोप में दो बार जुर्माना भी लगा है। यमुना प्राधिकरण में सेक्टर-17 ए में अभी काम कर रही है। आरोप है कि फर्मों ने सही तरीके से काम नहीं किया है। वहीं, घोटाले में एक अन्य आरोपी देवेश गुप्ता की लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन भी यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उद्यान और सिविल कार्यों का टेंडर ले रखा है। इन कंपनियों को करीब दो साल पहले टेंडर दिए गए। अब इन ही कंपनियों को यीडा ब्लैक लिस्ट करने जा रहा है।  ब्यूरो

सीबीआई जांच हुई तो कई बड़े नेता भी फंसेंगे
जमीन खरीद घोटाले की अगर सीबीआई जांच हुई तो सपा और बसपा के कई बड़े नेता भी फंस सकते हैं। जमीन खरीद में शामिल कंपनी के डायरेक्टर मान सिंह यादव के सपा के कद्दावर नेताओं से करीबी रिश्ते हैं। सपा के यह नेता अगर शहर में आते हैं तो वह मान सिंह से जरूर मुलाकात करते हैं। सूत्र बताते हैं, कि इन कंपनियों में सपा के नेताओं का भी पैसा लगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed