यमुना अथॉरिटी का बजट: इस साल खर्च होंगे 4528 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास-निर्माण के अलावा जानें किसे कितना हुआ मंजूर
यमुना अथॉरिटी बोर्ड ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बजट पास कर दिया है। इस साल तमाम विकास योजनाओं पर अथॉरिटी 4528 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस बजट में ग्रामीण विकास पर खास जोर दिया गया है। वहीं निर्माण योजनाओं पर 1160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की बोर्ड बैठक मंगलवार दोपहर को हुई। बोर्ड ने चालू वित्त वर्ष के लिए बजट पास कर दिया है। इस साल तमाम विकास योजनाओं पर अथॉरिटी 4528 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बड़ी बात यह है कि ग्रामीण विकास पर खास जोर दिया जाएगा। निर्माण योजनाओं पर 1160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्राधिकरण ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के दूसरे चरण के लिए 405 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट और शहर के बीच मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
भूमि अधिग्रहण के लिए 1553 करोड़ रुपये
यमुना अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि इस साल के बजट में सबसे बड़ा मद भूमि अधिग्रहण रखा है। चालू वित्त वर्ष में यानी 31 मार्च 2022 तक प्राधिकरण 1200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगा। इसके लिए किसानों को 1553 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पिछले वित्त वर्ष में प्राधिकरण ने 583 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए थे। जिसके जरिए 455 एकड़ जमीन किसानों से खरीदी गई थी। डॉक्टर अरुणवीर सिंह ने आगे कहा, इस साल लॉजिस्टिक हब, मेडिकल डिवाइस पार्क और कई नई औद्योगिक योजनाएं लांच की जाएंगी। जिसके लिए यमुना अथॉरिटी को ज्यादा जमीन की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बजट में सबसे ज्यादा धनराशि भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित की गई है।
ग्रामीण विकास पर 157 करोड़ रुपये होंगे खर्च
यमुना प्राधिकरण इस बार गांवों के विकास पर खास जोर देगा। स्मार्ट विलेज के लिए 76.98 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सभी गांव के विकास के लिए 157 करोड़ रुपये बोर्ड में मंजूर किए हैं। प्राधिकरण अपने क्षेत्र के गांवों में सड़क, सीवर, बिजली, पेयजल, नाली और दूसरी नागरिक सुविधाओं पर यह बजट खर्च करेगा।
विकास और निर्माण कार्य का बजट हुआ पांच गुना
इस साल के बजट में विकास और निर्माण कार्यों के लिए 1101 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछली बार यह धनराशि केवल 275 करोड़ रुपये थी। यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि 322 करोड़ रुपये के राजस्व भुगतान किए जाएंगे। इनके अलावा इस वित्त वर्ष के दौरान प्राधिकरण को 4515 करोड़ रुपये के कुल भुगतान करने हैं।
एयरपोर्ट, मेट्रो और पॉडटैक्सी को 705 करोड़ रुपये मिले
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है। इसके दूसरे चरण पर भी काम शुरू हो चुका है। यमुना सिटी एयरपोर्ट में 12.5 प्रतिशत की हिस्सेदार है। प्राधिकरण ने अपने हिस्से के 405 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं। इससे पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण भी अपने-अपने हिस्से का पैसा जारी कर चुके हैं। प्राधिकरण का जोर शहर और पूरे दिल्ली-एनसीआर को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जोड़ने पर है। इसके लिए मेट्रो, पॉडटैक्सी और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। इस मद में 31 मार्च 2022 तक प्राधिकरण 300 करोड़ रुपये खर्च करेगा। कुल मिलाकर जेवर एयरपोर्ट और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर यमुना अथॉरिटी 705 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।