यमुना प्राधिकरण में 126 करोड़ के जमीन घोटाले मामले में तीसरी गिरफ्तारी
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यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण में हुए 126 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। इस मामले में पूर्व आईएएस पीसी गुप्ता सहित दो लोग पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस उपाधीक्षक ग्रेटर नोएडा निशांक शर्मा ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस- वे विकास प्राधिकरण में जमीन अधिग्रहण को लेकर हुए 126 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिल में दाता इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सत्येंद्र चौहान को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने गुरुवार को दाता इंफ्रास्ट्रक्चर के ही एक अन्य निदेशक रमेश बंसल को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यमुना विकास प्राधिकरण के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीसी गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल जेल में हैं।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। इसमें कुछ और लोगों के संलिप्त होने की आशंका है। जल्दी ही उनके नाम पता कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
जमीन खरीदने वाली कंपनी का निदेशक हो चुका है गिरफ्तार
यमुना प्राधिकरण के 126 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में पुलिस ने जमीन खरीदने वाली डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के निदेशक रमेश बंसल को गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार को मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने रमेश बंसल को दस दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बहुचर्चित घोटाले में ये दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले यमुना प्राधिकरण के पूर्व सीईओ व आईएएस अधिकारी पीसी गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। रमेश बंसल पर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कम कीमत में जमीन किसानों से खरीदकर मुआवजा हासिल करने का आरोप है। पुलिस ने दावा किया है कि इससे उसके खाते में 2.75 करोड़ रुपये आए थे।
सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम निशांक शर्मा ने बताया कि 3 जून को यमुना प्राधिकरण के 126 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में कासना कोतवाली में पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में छह कंपनियों समेत कुछ और लोगों के नाम सामने आए थे। रमेश बंसल की कंपनी इन्हीं में से एक है। बृहस्पतिवार को नोएडा के सेेक्टर 44 स्थित घर से रमेश बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने रमेश बंसल को दस दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रमेश बंसल के अलावा उसके परिवार के कुछ और सदस्य इस कंपनी में अधिकारी हैं जिनकी पुलिस को तलाश है। पुलिस के मुताबिक बंसल पहले नोएडा के जलवायु विहार में रहता था। गिरफ्तारी की डर से हाल ही में दूसरे सेक्टर में रहने लगा था।
हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है पीसी गुप्ता की जमानत याचिका
इससे पहले पुलिस ने पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता को 22 जून को मध्यप्रदेश के दतिया से गिरफ्तार किया था। पीसी गुप्ता को 2 जुलाई को रिमांड पूरी होने के बाद मेरठ जेल भेजा गया था। तब से पीसी गुप्ता मेरठ की जेल में बंद हैं। पीसी गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसी में डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का नाम भी शामिल था। पीसी गुप्ता की हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई थी और गृह मंत्रालय ने भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी लेकिन अभी जांच सीबीआई के सुपुर्द नहीं हो पाई है।
यमुना प्राधिकरण के जमीन घोटाले के केस में रमेश बंसल को गिरफ्तार किया गया है। रमेश बंसल का नाम विवेचना में सामने आया था। इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। - डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी गौतमबुद्ध नगर।