यादव सिंह ने बसपा कार्यकाल में की ज्यादा मनमानी
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प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह ने सबसे ज्यादा मनमानी बसपा कार्यकाल में की थी। इंजीनियरिंग विभाग की फाइलों में न चाहते हुए भी दबाव के कारण वरिष्ठ अधिकारियों को हस्ताक्षर करने पड़े थे।
हालांकि वे अधिकारी अब विभिन्न जिलों में तैनात हैं। सूत्रों ने जानकारी दी कि पिछले करीब एक सप्ताह से सीबीआई प्राधिकरण से फाइलों को एकत्र कर रही है। उधर,टीम ने फाइलों की जांच पड़ताल भी शुरू कर दी है।
फाइलों में पाया गया है कि यादव सिंह ने बसपा कार्यकाल में सबसे ज्यादा मनमाने निर्णय लिए थे। चूंकि फाइलों की मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों के भी हस्ताक्षर भी हैं।
घूम-घूमकर ठेकेदार ले लेते थे प्रोजेक्ट
बताया जाता है कि सीबीआई यादव सिंह समेत विभिन्न अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है। जैसे ही प्राधिकरण से सभी दस्तावेज सीबीआई अपने हाथों में ले लेगी, इसके बाद तैयार सूची में से एक-एक करके अधिकारियों को बुलाया जाएगा।
उनसे पूछा जाएगा कि सच्चाई क्या है। अगर कोई अधिकारी यह कहेगा कि उन पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराए गए हैं तो सवाल यह भी होगा कि उस वक्त क्या कार्रवाई की थी। साथ ही दबाव बनाने वाला कौन था।
जिस ठेकेदार को टेंडर या किसी को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए दिया गया था, उसके बारे में कितना जानते हो। ठेकेदारों पर तो पहले ही सीबीआई शिकंजा कसने की तैयारी कर चुकी है। क्योंकि कुछ ऐसे ठेकेदार कागजों में मिले हैं, जो घूम-घूमकर प्रोजेक्ट लेते रहे और कागजी औपचारिकता भी पूरी नहीं की गई।