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एक किक से बर्बाद हो गया वुशु खिलाड़ी का करियर
Wed, 11 Sep 2019 05:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 11 Sep 2019 05:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में महज एक किक ने राज्य स्तर की एक उभरती हुई वुशू (किक बॉक्सिंग) खिलाड़ी का कॅरियर बर्बाद कर दिया। अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ी से हुई फाइट के दौरान आरोपी ने बदला लेने की नीयत से 17 साल की खिलाड़ी हनी के पेट में ऐसी लात मारी कि वह गिरते ही बेहोश हो गई।
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कई दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद डॉक्टरों ने उसे बताया कि वह कभी यह खेल दोबारा नही खेल पाएगी। परिवार ने मामले की शिकायत आईपी इस्टेट थाने में की। लेकिन पुलिस मामला दर्ज करने के बजाए परिवार को चक्कर लगाती रही। परेशान पिता जब वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचे तो मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने फौरन मामला दर्ज किया। सात सितंबर को आरोपी खिलाड़ी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आईपी इस्टेट थाना पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक पीड़िता हनी परिवार के साथ दरियागंज इलाके में रहती है। वह केंद्रीय विद्यालय में 12 वीं कक्षा की छात्रा है। हनी वुशू खिलाड़ी है और अभ्यास के लिए वह आईजीआई स्टेडियम जाती थी। इसके पिता जय प्रकाश का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। हनी ने पिछले साल राज्य स्तर की एक प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीता था।
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हनी के मुताबिक दो जनवरी को वह अभ्यास के लिए आईजीआई स्टेडियम गई थी। यहां उसकी फाइट कोच ने उसकी उम्र से ज्यादा के युवक सौरभ से करा दी। सौरभ और हनी के बीच किसी बात पर तू-तू मैं-मैं हो चुकी थी। हनी का आरोप है कि इसी का बदला लेने के लिए आरोपी ने उसके पेट में जानबूझकर लात मारी। यह सब खेल के नियमों में नही था।
चोट लगने के बाद हनी बेहोश हो गई। उसे जख्मी हालत में एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पीड़िता को डॉक्टरों ने बताया कि अब वह कभी वुशू नही खेल पाएगी। अगर उसने ऐसा करने का प्रयास किया तो उसके शरीर को नुकसान हो सकता है। डॉक्टरों ने उसे बस बैडमिंटन खेलने के लिए कहा। पीड़िता के परिवार ने मामले में पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नही हुई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर इस संबंध में केस दर्ज हुआ। पुलिस अब मामले की छानबीन करने की बात कर रहे हैं।
भाई से हुआ था आरोपी सौरभ का झगड़ा
पीड़िता ने पुलिस का बताया कि घटना से पूर्व अभ्यास के दौरान आरोपी सौरभ का उसके भाई आशीष से त्यागराज स्टेडियम में झगड़ा हुआ था। हनी ने दोनों के बीच बीचबचाव कराया था। इस बात पर सौरभ खासा नाराज था। उसने हनी और उसके भाई को देख लेने की धमकी थी। उस समय हनी ने मामले को गंभीरता से नही लिया। चोट लगने के बाद उसे अहसास हुआ कि उसे जानबूझकर मारा गया है। मामले की शिकायत करने पर परिवार को पूरे नौ माह थाने से टकराया गया।
थाने के परिवार ने लगाए 40 से 50 चक्कर...
हनी के पिता जय प्रकाश ने बताया कि बेटी का इंसाफ दिलवाने के लिए उन्होंने आईपी इस्टेट थाने के करीब 40 से 50 चक्कर लगाए थे। वह मामले में दखल देने के लिए लगातार पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहता। लेकिन पुलिस उन्हें गुमराह करती रही। जय प्रकाश का कहना है कि कोर्ट में मामला पहुंचने पर जज साहब के सामने जरूर पूछेंगे कि पुलिस को इस संबंध में मामला दर्ज करने में इतना समय कैसे लगा। पुलिस अधिकारी मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नही है।