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17 साल में पहली बार दिल्ली की आबोहवा सबसे बदतर, गुरुग्राम की हालात बेहद खराब
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 Nov 2016 12:21 AM IST
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दिवाली के बाद लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी दिल्ली/एनसीआर की आबोहवा खराब रही। पूरे एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना रहा। दिनभर स्मॉग की चादर पसरी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के साथ फरीदाबाद व गुरुग्राम का एयर क्वालिटी इंडेक्स चार सौ के पार था।
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सबसे बुरी हालत गुरुग्राम की थी। वहीं, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) का दावा है कि पिछले 17 सालों में पहली बार दिल्ली इतनी बुरी तरह स्मॉग की चपेट में है। धूल के कणों (पीएम 10 व 2.5) का स्तर बेहद खतरनाक था।
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इसमें कई स्थानों पर नुकसानदेह पीएम 2.5 पीएम 10 से ऊपर पहुंच गया। विशेषज्ञों की मानें तो बारीक धूलकण बेहद खतरनाक हैं। पीएम 2.5 का सीधा असर फेफड़े पर पड़ता है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में गुरुग्राम की आबोहवा सबसे खराब रही।
शहर का सूचकांक 454 था। जबकि दिल्ली व फरीदाबाद का सूचकांक 432 व 427 रहा। थोड़ी सहूलियत इस मामले मे रही कि बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार के सूचकांक में सुधार दिखा। एक दिन पहले तीनों शहरों का सूचकांक क्रमश: 456, 432 व 468 था। फिर भी, तीनों शहर सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में शामिल थे।
दिवाली के बाद की आबोहवा का विश्लेषण
सीएसई ने पिछले चार दिनों के प्रदूषण के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। इसमें साफ है कि दिवाली की तुलना में बाद के दिनों में प्रदूषण स्तर ज्यादा था। बुधवार को पीएम 2.5 का स्तर दिवाली की अपेक्षा 62.7 फीसदी ज्यादा था। मानक से यह स्तर 9.4 गुना ज्यादा था। वहीं, बृहस्पतिवार को भी ज्यादा सुधार नहीं दिखा। आंकड़ों के आधार पर सीएसई का मानना है कि बीते 17 सालों में दिल्ली सबसे बुरी हालत से गुजर रहा है। स्मॉग की फैली चादर के बीच दृश्यता भी गिरकर 400 मीटर से नीचे पहुंच गई।
पड़ोसी राज्यों में पुआल जलाने से बिगड़ी हालत
सीएसई के मुताबिक, नासा से मिली सैटेलाइट इमेज से साफ है कि पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में दिवाली के बाद पुआल जलाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इससे दिल्ली-एनसीआर के हालात बदले हैं। सीएसई के अनुमिता राय चौधरी बताती हैं कि आज प्रदूषण से बचने के लिए आपातकालीन कदम उठाना जरूरी हो गया है, जिससे स्मॉग के असर को रोका जा सके।
शनिवार को मिल सकती है मामूली राहत
सफर का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को भी दिल्ली की आबोहवा खराब रहेगी। पीएम 2.5 व 10 का स्तर 380 व 503 रहने का अनुमान है। शनिवार को पीएम के स्तर पर कमी आएगी। फिर भी, प्रदूषण का स्तर बेहद खराब ही रहेगा।
पड़ोसी राज्यों में पुआल जलाने से बिगड़ी हालत
सीएसई के मुताबिक, नासा से मिली सैटेलाइट इमेज से साफ है कि पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में दिवाली के बाद पुआल जलाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इससे दिल्ली-एनसीआर के हालात बदले हैं। सीएसई के अनुमिता राय चौधरी बताती हैं कि आज प्रदूषण से बचने के लिए आपातकालीन कदम उठाना जरूरी हो गया है, जिससे स्मॉग के असर को रोका जा सके।
शनिवार को मिल सकती है मामूली राहत
सफर का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को भी दिल्ली की आबोहवा खराब रहेगी। पीएम 2.5 व 10 का स्तर 380 व 503 रहने का अनुमान है। शनिवार को पीएम के स्तर पर कमी आएगी। फिर भी, प्रदूषण का स्तर बेहद खराब ही रहेगा।