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Delhi NCR News: वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों की जांच की जरूरत
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लापता युवती का केस दर्ज करने का आदेश
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों के कामकाज की जांच की जरूरत पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि समाज को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आश्रमों में क्या गतिविधियां चल रही हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि दीक्षित की मृत्यु हो चुकी है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच रोहिणी स्थित आध्यात्मिक विश्व विद्यालय आश्रम में महिलाओं और लड़कियों के अवैध कब्जे के आरोपों से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। आश्रम की महिलाओं ने बताया कि एक महिला लापता है, जबकि उसका सामान परिसर में पड़ा है। इस पर कोर्ट ने विजय विहार थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को गुमशुदा व्यक्ति का मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आश्रम में जवाबदेही की कमी पर सख्ती बरती और कहा कि अगर कोई जिम्मेदारी नहीं लेता तो सरकार प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। ब्यूरो
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों के कामकाज की जांच की जरूरत पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि समाज को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आश्रमों में क्या गतिविधियां चल रही हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि दीक्षित की मृत्यु हो चुकी है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच रोहिणी स्थित आध्यात्मिक विश्व विद्यालय आश्रम में महिलाओं और लड़कियों के अवैध कब्जे के आरोपों से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। आश्रम की महिलाओं ने बताया कि एक महिला लापता है, जबकि उसका सामान परिसर में पड़ा है। इस पर कोर्ट ने विजय विहार थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को गुमशुदा व्यक्ति का मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आश्रम में जवाबदेही की कमी पर सख्ती बरती और कहा कि अगर कोई जिम्मेदारी नहीं लेता तो सरकार प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। ब्यूरो