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Delhi: राजधानी के 799 स्कूलों में पानी-बिजली संकट, शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में खुलासे के बाद सुधार का निर्देश

Thu, 11 Sep 2025 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 11 Sep 2025 06:30 AM IST
सार

शिक्षा विभाग की हालिया रिपोर्ट में इन स्कूलों में बुनियादी ढांचे की गंभीर समस्याओं का खुलासा हुआ है, जो स्कूलों के दैनिक कामकाज को प्रभावित कर रही है। 

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Worrying: 799 schools in the capital are facing water and electricity crisis
demo - फोटो : freepik.com

विस्तार

दिल्ली सरकार ने शहर के 799 स्कूलों में पानी और बिजली की कमी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार का निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग की हालिया रिपोर्ट में इन स्कूलों में बुनियादी ढांचे की गंभीर समस्याओं का खुलासा हुआ है, जो स्कूलों के दैनिक कामकाज को प्रभावित कर रही है। 

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रिपोर्ट के अनुसार, 703 स्कूलों में से 59 में पानी की आपूर्ति रुक-रुक कर हो रही है, 48 में अनियमित या बिल्कुल नहीं है और 10 स्कूलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इनमें से कई स्कूल टैंकरों या सबमर्सिबल पंपों पर निर्भर है, जिससे पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसके अलावा, 22 स्कूल पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं और 64 स्कूल बोरवेल का उपयोग कर रहे हैं। 
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बिजली के मोर्चे पर, 6 स्कूलों में बिजली आपूर्ति नहीं है, जबकि 17 स्कूलों में बार-बार बिजली कटौती की समस्या है। शिक्षा विभाग ने उप निदेशकों (डीडीई) को इन समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए है। जिन स्कूलों में डीजेबी कनेक्शन नहीं है, उन्हें तत्काल आवेदन करने के लिए कहा गया है। 
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टैंकर पर निर्भर स्कूलों के लिए नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और बोरवेल वाले स्कूलों में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग करने का आदेश दिया गया है। बिजली कटौती से प्रभावित स्कूलों के लिए डिस्कॉम के साथ मिलकर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और सौर पैनल की व्यवहार्यता जांचने की सिफारिश की गई है। 

परिसर साझा करने वाले स्कूलों के लिए अलग मीटरिंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। विभाग ने सभी डीडीई को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है, जिसमें स्कूल-वार कार्रवाई का विवरण होगा। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो।

शर्मनाक है कि दिल्ली सरकार टिन शेड वाले स्कूल चला रही है : हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को राजधानी के कुछ सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर चिंता जताई और दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा, हम 2025 में हैं और सरकार अब भी टिन शेड वाले स्कूल चला रही है, जहां छात्रों की सुरक्षा खतरे में है। न दीवारें हैं, न उचित डेस्क और ब्लैकबोर्ड।


याचिका में सर्वोदय कन्या विद्यालय जीनत महल, कमला मार्केट और अशोक नगर स्थित स्कूलों में टिन शेड क्लासरूम की समस्या उठाई गई। करीब 1400 छात्र यहां गर्मी में असहनीय तापमान और बरसात में रिसाव झेलते हैं। कोर्ट ने कहा कि यह शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है और निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा में बाधा है। सरकार के स्थायी वकील ने एक सप्ताह का समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने उन्हें खुद स्कूलों का दौरा करने को कहा। अदालत ने विकलांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाओं के अभाव पर भी नाराजगी जताई। सुनवाई की अगली तारीख 17 सितंबर तय की गई है। 

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