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World Physiotherapy Day: स्ट्रोक और दिल के दौरे से उबारने में मददगार है फिजियोथेरेपी, चोट में भी कारगर
Mon, 08 Sep 2025 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 08 Sep 2025 03:18 AM IST
सार
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की फिजियोथेरेपी विभाग प्रमुख डॉ. पूजा सेठी ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद जब मरीज उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होता है तो सर्जरी के बाद शारीरिक तौर पर सक्रिय करने के लिए फिजियोथेरेपी की जरूरत होती है।
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- फोटो : freepik
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विस्तार
स्ट्रोक और दिल के दौरे से उबारने में फिजियोथेरेपी मददगार है। सर्जरी, चोट और बीमारी के बाद शरीर की रिकवरी में भी फिजियोथेरेपी से सहायता मिलती है। यह दावा फिजियोथेरेपिस्ट का है।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की फिजियोथेरेपी विभाग प्रमुख डॉ. पूजा सेठी ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद जब मरीज उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होता है तो सर्जरी के बाद शारीरिक तौर पर सक्रिय करने के लिए फिजियोथेरेपी की जरूरत होती है।
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कार्डियक रिहैब कार्यक्रम के तहत हृदय को मजबूत बनाने और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए व्यायाम प्रशिक्षण दिया जाता है। बाईपास, एंजियोप्लास्टी, हार्ट ट्रांसप्लांट की सर्जरी कराने वाले मरीजों की भी फिजियोथेरेपी होती है। तीन-चार हफ्ते मरीज को सामान्य होने में लगते हैं। मल्टीपल स्कारलेसिस, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी और स्ट्रोक होने पर भी फिजियोथेरेपी की मदद से मरीज को चलने-फिरने के काबिल बनाया जा सकता है। उसके लिए मरीज को अलग-अलग व्यायाम कराएं जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपिस्ट आपकी शक्ति, संतुलन, समन्व्य और लचीलापन बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत व्यायाम कार्यक्रम तैयार करने में विशेषज्ञ होते हैं। इसमें कुछ व्यायाम ऐसे होते हैं जिन्हें घर पर भी आसानी से किया जा सकता है। इसमें कुर्सी से बैठने और खड़े होने के व्यायाम में स्क्वैट्स करना, खड़े होकर वस्तुओं तक पहुंचना, विभिन्न दिशाओं में कदम उठाना, अलग-अलग गति और परिस्थितियों में चलना शामिल है। इसके अलावा जमीन से उठना, चलना, योग और संतुलन बढ़ाने वाले व्यायाम भी लाभदायक होते हैं।
वैश्विक तौर पर 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 12 फीसदी लोगों में कमजोरी का मूल्यांकन किया गया है। लगभग 46 फीसदी लोगों में कमजोरी की पूर्व अवस्था मिली। इस कमजोरी को भी फिजियोथेरेपी की मदद से दूर किया जा सकता है।
रोबोटिक स्कैनिंग लेजर से मिलेगी थेरेपी
डॉ. पूजा सेठी बताया कि अस्पताल में आठ सितंबर को रोबोटिक स्कैनिंग लेजर और डीप ऑसिलेशन थेरेपी का शुभारंभ किया जा रहा है। रोबोटिक स्कैनिंग लेजर के जरिये पूरे शरीर की स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे शरीर के दर्द वाले हिस्से की पहचान में मदद मिलेगी और लेजर से थेरेपी दी जा सकेगी। साथ ही मरीजों के लिए डीप ऑसिलेशन थेरेपी सुविधा की शुरुआत की जा रही है। इस प्रक्रिया में सेल को वाइब्रेट करके सूजन को कम किया जाएगा।
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