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विश्व एड्स दिवस पर विशेष: मां को गंभीर बीमारी, घर में गूंजी स्वस्थ्य किलकारी
Sun, 01 Dec 2019 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
गौरव शर्मा, ग्रेटर नोएडा
गौरव शर्मा, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 01 Dec 2019 06:16 AM IST
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लाइलाज रोग एड्स (एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिसियेंसी सिंड्रोम) से जूझ रही महिलाओं के आंगन में अब बच्चों की स्वस्थ्य किलकारी गूंज रही है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की 18 महीने की देखरेख में एचआईवी संक्रमित 18 महिलाओं ने स्वस्थ्य शिशुओं को जन्म दिया है। हालांकि, सात बच्चे संक्रमित होने से नहीं बच सके।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में मरीजों की संख्या 671 है। इनमें से बच्चों की संख्या 27 है। महिलाओं की संख्या भी खासी अधिक है। गर्भस्थ शिशु को संक्रमित मां से एड्स होने का खतरा कई गुना अधिक होता है। स्वास्थ्य विभाग ने एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल) थैरेपी और अन्य जांचों के आधार पर 18 नवजातों को संक्रमित होने से बचा लिया है।
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विभागीय अफसरों के मुताबिक, गर्भधारण से लेकर नवजात के कुल 18 महीने तक लगातार दवाएं चली और जांच हुईं। जांच में नवजातों के एचआईवी निगेटिव होने की पुष्टि हुई। हालांकि, खेदजनक यह है कि विभागीय आंकड़ों में हर साल एड्स मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलती हैं दवाएं
प्राइवेट अस्पतालों में एड्स का ईलाज बेहद महंगा है। इसी के मद्देनजर पिछले कई सालों से सरकार रोगियों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एआरटी मुहैया करा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के स्तर से जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। नियमित तौर पर एआरटी दवाएं लेने वाले मरीज एड्स होने के बाद कई सालों तक जिंदा रह सकते हैं।
क्या है एचआईवी
ह्यूमन इम्यूनोडेफिसियेंसी वायरस एड्स का प्रारंभिक रूप है। यह वायरस शरीर में मौजूद रोग प्रतिरोधक क्षमता को धीरे-धीरे क्षीण करता है। शरीर पर दवा बेअसर होने लगती है। जुकाम, बुखार, खांसी होने पर आसानी से ठीक नहीं होते। बाद में टीबी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। विभिन्न बीमारियों की चपेट में आना ही एड्स कहलाता है।
कैसे फैलता है एचआईवी
असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून का चढ़ना, एक इंजेक्शन की सिरींज का बार-बार प्रयोग करना आदि से एचआईवी फैलता है। मां से बच्चों को हो सकता है। लेकिन, आधुनिक उपचार ने मां से बच्चों में फैलने की संभावना खासी कम कर दी है।
विभाग के रिकार्ड में एड्स मरीजों की संख्या 671 हैै। निरंतर दवा और जांच के आधार पर संक्रमित गर्भवती महिलाओं से अभी तक 18 बच्चे एचआईवी संक्रमित मुक्त पैदा हुए हैं। एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस है। इसके उपलक्ष्य में सोमवार को विभाग की ओर से जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे।
-डॉ. शिशिर जैन, प्रभारी अधिकारी, एड्स कार्यक्रम