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काम रोको प्रस्ताव पर महिला विधायकों का वॉकआउट

Sat, 28 Nov 2015 10:12 AM IST
Updated Sat, 28 Nov 2015 10:12 AM IST
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Women MLAs walked out of the adjournment motion

दिल्ली विधानसभा में पांचवें दिन भी बैठक की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही की शुरुआत होते ही नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता संविधान के हिसाब से सरकार के काम नहीं करने पर काम रोको प्रस्ताव लाना चाहते थे, जिसका नोटिस दिया था।

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अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया। विजेंद्र गुप्ता कुछ बोलना चाहते थे तभी सत्तापक्ष की महिला विधायकों ने भी विरोध शुरू कर दिया। शुक्रवार को फिर वेल में आकर ओपी शर्मा को जेल भेजे जाने की मांग करती रहीं।

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नेता प्रतिपक्ष ने जब भी कुछ बोलना चाहा तो अलका लांबा, बंदना, राखी बिडलान, सरिता सिंह और भावना गौड़ अध्यक्ष की कुर्सी के सामने विपक्ष के प्रस्ताव को कार्यवाही में बाधा पहुंचाने वाला बताती रहीं।
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फिर अब काम रोको प्रस्ताव क्यों?

Women MLAs walked out of the adjournment motion

महिला विधायकों का तर्क था कि बाहर विपक्ष के नेता बृहस्पतिवार को काम न हो सके इसलिए हंगामा करने का आरोप लगा रहे थे तो फिर अब काम रोको प्रस्ताव क्यों?


अध्यक्ष की तरफ से बार-बार सीट पर वापस जाने की बात कहने और कार्यवाही शुरू करने पर महिला विधायकों ने वॉकआउट किया। विजेंद्र गुप्ता और जगदीश प्रधान संविधान की रक्षा करो के नारे लगाते रहे और फिर इन्होंने भी वॉकआउट किया।

अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सत्तापक्ष के विधायक पंकज पुष्कर की तरफ से आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटा प्ले और क्रेच में भी लागू करने के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर व्यवस्था दी कि यह महत्व का विषय नहीं है।

पंकज पुष्कर लगातार मुद्दे को उठाने की मांग करते रहे

Women MLAs walked out of the adjournment motion

पंकज पुष्कर लगातार मुद्दे को उठाने की मांग करते रहे और कहा कि मैं सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाना चाहता हूं। सरकार ईडब्ल्यूएस के मामले में न्यायालय की अवमानना कर रही है या अनुपालना इस पर चर्चा होनी चाहिए।


पंकज पुष्कर की मांग की अनदेखी केसाथ सवाल- जवाब शुरू हो गया। पंकज पुष्कर चुप नहीं हुए तो मंत्री सत्येंद्र जैन ने दो दिन के लिए निकाले जाने का प्रस्ताव रख दिया।

वोटिंग कराई गई और दो दिन केलिए निष्कासित करने का आदेश अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सुना दिया। जब पुष्कर बाहर नहीं निकले तो मार्शल की सहायता से सदन केबाहर निकाल दिया गया। उसके बाद प्रश्नकाल शुरू हो सका।

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