कांग्रेस ने किया महिला नेताओं को नाराज
लोकसभा चुनाव के बाद से ही अगर विभिन्न राज्यों के चुनाव के नतीजे देखें जाएं तो इसमें किसी को शक नहीं होगा कि इन दिनों कांग्रेस पार्टी के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं।
इन्हीं नतीजों को देखते हुए आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। इन दिनों पार्टी हर वो काम कर रही है जिससे वो दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाकर एक और मौका पा सके।
पार्टी के सामने मौजूदा समय में कई संकट हैं। लेकिन पार्टी का एक ग्रुप एक है जो अपने सामने अस्तित्व का संकट देख रहा है और वह हैं पार्टी की महिला उम्मीदवार।
एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के अनुसार महिला उम्मीदवार इस बात से नाराज हैं कि उन्हें उनकी पसंदीदा सीट से टिकट नहीं मिल रही है। इससे उन्हें ये डर भी है कि शायद उन्हें टिकट ही ना मिले।
नेतृत्व महिलाओं को नहीं दे रहा टिकट
अंग्रेजी अखबार मेल टूडे के अनुसार पार्टी की सबसे लोकप्रिय महिला नेता और पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने इस बार के चुनाव में स्टार प्रचारक बनने का निर्णय लिया है। लेकिन ऐसा लगता है कि उनकी पसंदीदा महिला उम्मीदवारों को टिकट ही नहीं मिलेगी।
पिछले विधानसभा चुनाव में जिन 5 महिला उम्मीदवारों को टिकट मिला था उनमें मालवीय नगर से डॉ. किरन वालिया, नई दिल्ली से शीला दीक्षित, तिलक नगर से अमृता धवन, आरके पुरम से बरखा सिंह और जनकपुरी से रागिनी नायक हैं।
महिलाओं को टिकट ना मिलने से कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं और महिला नेताओं में इन दिनों तनाव का माहौल बना हुआ है। कुछ महिला नेता इस बात से खफा हैं कि जो वो चाहती हैं वो उन्हें नहीं मिल रहा। एक पार्टी नेता ने बताया कि इसी तनातनी के बीच इस बार हालात काफी मुश्किल हो गए हैं।
पहली सूची में नहीं किसी महिला का नाम
पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. किरन वालिया आरके पुरम से टिकट लेने को अड़ी हैं। बता दें कि इस सीट से पिछले चुनाव में बरखा सिंह लड़ीं थीं।
एक पार्टी नेता ने निराशा जताते हुए कहा कि यहां तक कि पार्टी की पहली लिस्ट में भी किसी महिला का नाम नहीं है।
बता दें कि कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट गुरूवार को आई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस ने चुनावों की घोषणा से बहुत पहले अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की हो। अनुमान है कि कांग्रेस की दूसरी सूची जनवरी के मध्य तक आ जाएगी, जिसमें अधिकतर युवा चेहरे होने की उम्मीद है।