सफर के दौरान महिला के पास खत्म हुए पैसे, रात बिताने के लिए 1 रुपये में खुद को रखा सुरक्षित
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पैसे नहीं होने और बाहर सुरक्षित माहौल न मिलने की वजह से महिला रात भर जिला अस्पताल में छुपकर बैठी रही। अस्पताल से कोई बाहर न निकाल दे, इसके लिए उसने ओपीडी की पर्ची भी कटवा ली। सुबह गार्ड ने महिला को देखा तब मामले का पता चला। अस्पताल प्रशासन ने महिला को घर भेजने का टिकट कटाकर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया है।
शुक्रवार सुबह मीना नाम की महिला अस्पताल में बैठे-बैठे सो रही थी। गार्ड ने ओपीडी शुरू होने से पहले अस्पताल में आने के बारे में पूछा तो महिला ने बताया कि उसके घर वाले लेने आएंगे।
महिला के पास कपड़ों का बैग भी था। पूछने पर उसने बताया कि उसके पास बाहर रुकने की जगह नहीं थी। बाहर उसको डर भी लग रहा था। इसलिए अस्पताल में आकर बैठ गई।
उसके पति ने उसको छोड़ दिया है
मीना ने बताया कि वो बिहार की रहने वाली है। उसके पति ने उसको छोड़ दिया है। वह माता-पिता के साथ रहती है। पिछले कई महीने से माता-पिता की तबियत खराब चल रही है। इससे वो मानसिक रूप से परेशान हो गई थी।
घर का गुजारा चलाया जा सके, इसके लिए वो नौकरी के लिए किसी के साथ दिल्ली आई थी। उसके पास आधार कार्ड नहीं था। इसलिए उसको कहीं नौकरी नहीं मिल पाई है।
मीना ने बताया कि उसको कोई अस्पताल से बाहर ना निकाले, इसके लिए उसने एक पर्ची बनवा ली और ओपीडी में बैठ गई। दोपहर 2 बजे के बाद ओपीडी खाली हो जाती है, इसलिए वो चुपचाप एक कोने में बैठ गई।
महिला पर किसी की नजर नहीं गई। सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को इसकी जानकारी मिली। महिला ने घर जाने के लिए बोला है। महिला को रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया गया। पैसे नहीं होने पर उसका टिकट भी करा दिया गया है।