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बिना एंबुलेंस गर्भवती महिला को किया रेफर, इमरजेंसी गेट पर ऑटो में हुई डिलीवरी

Fri, 01 Mar 2019 06:06 PM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: vivek shukla Updated Fri, 01 Mar 2019 06:06 PM IST
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woman give birth baby in Auto Rickshaw in faridabad
पीड़िता

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (एनएचएम) की लंबी हड़ताल के बाद खुले स्वास्थ्य केंद्रों पर लापरवाही का आलम अभी भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को एसजीएम नगर निवासी सरिता को बिना किसी एंबुलेंस के बीके सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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इसके कारण बीके सिविल अस्पताल के गेट पर ऑटो में ही सरिता की डिलीवरी हो गई। घटना के बाद से ही जच्चा-बच्चा दोनों अस्पताल में भर्ती हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन अरोड़ा का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को भी वक्त रहते अस्पताल पहुंचने की हिदायत दी है। 
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सरिता को अस्पताल लेकर पहुंचे पति सुबरोज प्रजापति का कहना है कि वह पत्नी को लेकर सुबह करीब साढे़ 9 बजे ही एसजीएम नगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए थे। वहां करीब डेढ़ घंटे बाद सरिता को बीके सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। सुबरोज का आरोप है कि अस्पताल में तैनात स्टाफ ने उन्हें बताया कि सरिता की डिलीवरी में कई जटिलताएं हैं।
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आरोप है कि सरिता को खून चढ़ाने की बात भी डॉक्टर ने कही, बावजूद उसे एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं दी गई। सुबरोज ने बताया कि डॉक्टर ने कहा था किसी भी वक्त उसकी पत्नी को प्रसव हो सकता है। ऐसे में वह जल्द से जल्द पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे। करीब 11 बजे ऑटो से अस्पताल पहुंचते-पहुंचते सरिता को प्रसव पीड़ा बहुत ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर ही उसने बेटे को जन्म दिया। 

घटना के बाद से ही जच्चा-बच्चा दोनों बीके अस्पताल में भर्ती हैं। नवजात को संक्रमण से बचाने के लिए नियुनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) में रखा गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधा का कहना है कि असुरक्षित प्रसव जगह होने के कारण नवजात में संक्रमण होने की संभावना बढ़ गई है। इसलिए इसे विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. गुलशन अरोड़ा ने कहा कि जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर सख्ती से विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा तीमारदारों को भी जागरुक होने की आवश्यकता है, सुरक्षित प्रसव के लिए महिला को प्रसव पीड़ा होने तक इंतजार न करें। अपातकाल में प्रसव के दौरान दुर्घटना को रोकने के लिए लोगों को भी जागरुक होना चाहिए। 

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