Delhi: बैट्री बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, झुलसकर महिला की हुई मौत
दयालपुर थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि फैक्टरी मालिक नौशाद अवैध रूप से फैक्टरी चला रहा था।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर स्थित चांद बाग इलाके में लैपटॉप और ई-रिक्शा की बैटरी बनाने वाली फैक्टरी में भीषण आग लग गई। घटना के समय फैक्टरी में मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई, लेकिन एक महिला कर्मचारी बेसमेंट में फंस गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस के अलावा दमकल की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। करीब तीन घंटे बाद किसी तरह आग पर काबू पाकर फैक्टरी की तलाशी ली गई तो महिला बेसमेंट के बाथरूम में झुलसी हालत में मृत मिली। मृतका की शिनाख्त माया (30) के रूप में हुई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दयालपुर थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि फैक्टरी मालिक नौशाद अवैध रूप से फैक्टरी चला रहा था। पुलिस नौशाद को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच कर रही है।
शनिवार दोपहर 3.15 बजे पुलिस व दमकल विभाग को सूचना मिली थी कि चांद बाग के ई-9 में बैटरी बनाने की फैक्टरी में आग लग गई है। पुलिस के अलावा दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। बेसमेंट से लगी आग ने देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों को चपेट में ले लिया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इमारत के बेसमेंट में लैपटॉप और ई-रिक्शा की अवैध फैक्टरी चल रही थी। वहां आठ से 10 लोग काम करते थे। दमकल कर्मचारियों ने शाम करीब 6.15 बजे किसी तरह आग पर काबू पाया, तो बेसमेंट के बाथरूम में माया नामक महिला का शव मिला।
12 साल पहले माया की हुई थी शादी
माया के पति गोविंद राम ने बताया कि वह परिवार के साथ गोकुलपुरी के बी-350 में रहते हैं। 12 साल पहले गोविंद राम की माया से शादी हुई थी। इनका सात साल की बेटी कल्पना और पांच साल का बेटा तनुज है। दो साल से माया नौशाद की फैक्टरी में काम कर रही थी। शनिवार को वह काम पर गई थी। इस बीच शाम करीब 4.30 बजे माया के पति को एक अन्य महिला कर्मचारी ने कॉल कर सूचना दी कि फैक्टरी में आग लग गई है।
गोविंद मौके पर पहुंचे तो फैक्टरी के बाकी कर्मचारी वहां मौजूद थे, लेकिन उनकी पत्नी वहां नहीं थी। उसका फोन भी बंद आ रहा था। वहां पत्नी को तलाश करता रहा। बाद में आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने शव को जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी भेजा। गोविंद पत्नी की तलाश करते हुए अस्पताल पहुंचा। वहां उसने पैर की पायल से मृतका की पहचान माया के रूप में की।