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अंग्रेजी को टक्कर देगा हिंदी ऐप, खेल-खेल में सीखें राष्ट्र भाषा
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 23 May 2016 04:55 PM IST
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चंदन सत्यार्थी का कहना है कि ऐप में किसी भी गलत सूचना को नहीं डाला जा सकता।
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आधुनिक जिंदगी में हावी हो रहे अंग्रेजी को टक्कर देने के लिए हिंदी का ऐप बाजार में आ चुका है। यह ऐप खेल-खेल में हिंदी सीखने का मौका देगा। ऐप मोबाइल और टैबलेट पीसी पर भी डाउनलोड किया जा सकेगा।
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फनखेल नामक ऐप में हिंदी शब्दों से जुड़े सरल से कठिन स्तर सहित, हर उम्र वर्ग के लिए शैक्षिक मनोरंजन से भरे खेल होंगे, जिसे एंड्राएड, आइफोन, आइपैड या विंडोज फोन और टैबलेट पर खेला जा सकेगा। इसमें भारतीय और कई एशियाई भाषाओं में खेल होंगे। बांग्ला और मराठी को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। इसे फनखेलडॉटकॉम से नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।
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ऐप में हिंदी के सभी चिन्ह, अक्षर, मात्राएं व आधे अक्षर, स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत हैं, जिससे आसान से मुश्किल शब्द बनाना बहुत ही सुगम होगा। यही नहीं दिए गए चिन्हों से शब्द बनाने पर अंक भी मिलेगा। सभी चिन्हों के प्रयोग से बने शब्दों को लाभांश प्राप्त होंगे। इसका लैंग्वेज असिस्ट सभी संकेतों और नियमों का अंग्रेजी में अनुवाद कर देता है। फनखेल के प्रयोग से हिंदी शब्दावली के फन को चुनौती देकर बेहतर बनाया जा सकेगा।
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दरअसल अविष्कारक ऑशिम घोष नोएडा के शैक्षिक संस्थानों में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए वर्षों से जुड़े रहे हैं। इनकी मानें तो अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भी स्वीकार किया है कि भाषाओं और शब्दावली की प्रगति में कलात्मक शब्दखेलों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने कई वर्षों के शोध और पड़ताल के बाद इस शब्द खेल का अविष्कार किया।
फनखेल बनाने में आई कई मुश्किलें
शुरुआती दौर में मात्रा और आधे अक्षर चिन्हों के साथ साथ, सभी अक्षर व चिन्हों का शब्दावली में लोकप्रियता के हिसाब से वितरण को, लकड़ी की गोटियों पर कलम से अंकित करके प्रस्तुत किया। इसके अलावा शब्दकोशिश डॉट कॉम के माध्यम से शब्द खेलों को मुद्रित करके नमूने बनाए, जिन्हें वर्ष 2000 से विस्तृत रूप में प्रस्तुत और प्रकाशित किया गया।
भाषा शिक्षा उपकरण पर भी किया काम
शब्दकोशिश परियोजना की गुणवत्ता को बढ़ावा देने और भारतीय व एशियाई भाषाओं में समकालीन ऊर्जा जागृत करने के लिए एनालॉग और डिजिटल भाषा शिक्षा उपकरण व शब्दखेल पेश करते रहे। 2015 में प्रसिद्ध कलाकार चिंतन कालरा व कोडिंग सलाहकार मुकुल सैनी के सहयोग से फनखेल का निर्माण हुआ।