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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Wife's killer arrested after 25 years, released on parole from life sentence, absconds

Delhi NCR News: ध्यानार्थ<bha>--</bha>मुजफ्फरनगर, यूपी व लुधियाना, पंजाब के लिए उपयोगी। पत्नी का हत्यारा 25 साल बाद गिरफ्तार, उम्रकैद की सजा में पेरोल पर बाहर आया, हुआ फरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 06:53 PM IST
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दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी
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-पेरोल जंप करने के बाद फरार हो गया था, लुधियाना में पहचान बदलकर रहता था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति को 25 साल बाद गिरफ्तार किया है। दाेषी ने 1992 में अपनी पत्नी की हत्या गला घोंटकर कर दी थी। दाेषी पेरोल मिलने के बाद फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए दाेषी ने अपना नाम, पिता का नाम और रहने का पता बदल लिया था। फिलहाल वह पंजाब के लुधियाना में एक नई पहचान के साथ रहता था। वह पिछले 25 सालों में हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक में घूमकर गिरफ्तारी से बचता रहा और आखिरकार पंजाब के लुधियाना में बस गया।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार 15 मार्च, 1992 को सुबह लगभग 7.15 बजे विनय नगर पुलिस स्टेशन (अब सरोजिनी नगर) दिल्ली को गांव पिलंगी से सूचना मिली थी। मकान मालिक के भाई ने पुलिस को बताया कि आरोपी योगिंदर पत्नी की हत्या कर भाग रहा है। मकान मालिक के भाई की मदद से आरोपी का पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। मौके पर पत्नी का शव घर में एक गद्दे पर मिला, उसकी बाईं आंख के पास चोट के निशान थे। डाक्टरों ने बताया कि सभी चोटें मौत से पहले की थीं और मौत का कारण गला दबाना था।
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जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दायर की गई और 6 मार्च, 1997 को आरोपी योगिंदर को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया और 10,000 रुपये के जुर्माने के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई। दिल्ली हाई कोर्ट ने 3 जून,2000 को उसे चार हफ़्ते के लिए पेरोल पर रिहा कर दिया था, मगर आरोपी ने बाद में सरेंडर नहीं किया था। वर्ष 2010 में उसकी अपील खारिज कर दी गई और दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा और फैसले को बरकरार रखा। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आरोपी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की सेशंस कोर्ट ने भगोड़ा अपराधी भी घोषित कर दिया था।
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ऐसे गिरफ्तार किया था
इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी की टीम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाले भगोड़े योगिंदर की तलाश कर रही थी। जांच में पता लगा कि पेरोल जंप करने के बाद फिलहाल पंजाब के लुधियाना में रह रहा था। ये भी पता लगा कि दोषी योगिंदर कुमार ने अपनी पहचान छिपाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के इरादे से अपना नाम योगिंदर से बदलकर जोगिंदर सिंह कर लिया था और अपने पिता का नाम भी जय प्रकाश से बदलकर जयपाल कर लिया था। उसने लुधियाना, पंजाब के एक पते पर अपनी नकली पहचान से नया आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड भी बनवा लिया था।
10 दिनों तक घेराबंदी की
दिल्ली पुलिस की टीम 10 दिनों से ज़्यादा समय तक लुधियाना पंजाब में रही और आरोपी का बारीकी से पता लगाया, जो आखिरकार वहां एक बढ़ई के रूप में काम करता हुआ मिला। पुलिस टीम ने यहां पर 5 जनवरी को घेराबंदी की। आरोपी ने मोटरसाइकिल पर भागने की कोशिश की, आखिरकार पुलिस ने आरोपी योगिंदर उर्फ जोगिंदर सिंह को साउथ सिटी, लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया।

पंजाबी भाषा सीख ली थी-
पैतृक स्थान मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी योगिंदर उर्फ जोगिंदर सिंह ने पंजाब में रहने के दौरान उसने पंजाबी भाषा भी सीखी और अब वह इसे धाराप्रवाह बोलता है, जिससे उसे स्थानीय लोगों के बीच घुलने-मिलने में और मदद मिली।
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