फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

नाथूराम गोडसे ने क्यों की बापू की हत्या?

Thu, 02 Oct 2014 07:26 PM IST
Updated Thu, 02 Oct 2014 07:26 PM IST
विज्ञापन
Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

वह एक ऐसा व्यक्ति था जो महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानता था और उनके दिखाए हुए रास्ते पर चलने वाला था। वो छुआछूत और जात-पात के भेदभाव को नहीं मानता था। वह नाथूराम गोडसे था।

विज्ञापन


अगर वह ऐसा था तो उसने महात्मा गांधी क्यों मारा? उसे जैसा हिंदू कट्टरपंथी बताया गया क्या वह सच में वैसा था? क्या गांधीजी को मारना एक सनकी या पागल आदमी का काम था?
विज्ञापन


आखिर क्यों राष्ट्रपिता को मौत के घाट उतारने का ख्याल नाथूराम के मन में आया? गांधीजी को गोली मारने के बाद क्यों गोडसे वहां से नहीं भागा और उसने खुद को क्यों पुलिस के हवाले कर दिया? ऐसे ही कई सवाल हैं जिनके जवाब खोजने की कोशिश हमने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है गांधी को मारने की असली वजह

Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

नाथूराम गोडसे एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति था। वह अपना खुद का अखबार निकालता था, जिसका नाम 'अग्रणी' था। नाथूराम गोडसे का जन्म 19 मई 1910 को पुणे के चित्पावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। गोडसे के पिता विनायक वामनराव गोडसे पोस्ट ऑफिस में काम करते थे और माँ का नाम लक्ष्मी था।

नाथूराम एक हिंदूवादी कार्यकर्ता और पत्रकार था। वह हिंदूवादी ज़रूर था पर वह हिन्दू धर्म में मौजूद बुराइयों जैसे जाति के आधार पर भेदभाव और छुआछूत आदि का विरोधी था। यह बात उसने कोर्ट में दिए गए आखिरी बयान में कही थी। गोडसे ने आजादी के वक्त विभाजन के बाद आए हिंदू शरणार्थियों के साथ भी काम किया था।

उसी दौरान उसे लगने लगा कि विभाजन के लिए जिन्ना की मुस्लिम लीग और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार थे। गोडसे मानता था कि कांग्रेस का कोई भी फैसला गांधी के बिना नहीं हो सकता। लेकिन हत्या की वजह इतनी भर नहीं थी।

कहा जाता है कि गोडसे ने गांधीजी की हत्या करने का आखिरी फैसला 13 जनवरी 1948 को लिया था। इसकी वजह भी पाकिस्तान था। दरअसल विभाजन के बाद पाकिस्तान ने 55 करोड़ रुपए मांगे थे।

भारत सरकार ने पहले तो इसे देने से इंकार कर दिया। लेकिन गांधीजी के दबाव में यह रुपए पाकिस्तान को दिए गए। इस बात ने हिंदूवादियों को नाराज कर दिया। गोडसे उनमें से एक था।

जब गोडसे ने ल‌िया गांधी को खत्म करने का प्रण

Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

गांधी हत्याकांड की जांच कर रहे कपूर कमिशन ने लिखा है कि 30 जनवरी से पहले भी गांधी जी को मारने के प्रयास हुए थे। 20 जनवरी 1948 को ही प्रार्थना सभा से करीब 75 फीट दूर एक बम फेंका गया था।

इस कांड के दौरान मदनलाल पाहवा नाम का एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया था, जबकि 6 अन्य लोग टैक्सी से भाग गए थे। गांधी जी को मारने की 1934 से यह पांचवीं कोशिश थी।

कहा जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कायर्कताओं में से कुछ इस काम को अंजाम देना चाहते थे। लेकिन इस नाकाम कोशिश के बाद नाथूराम ये जिम्मा अपने सर पर लिया।

उसने नारायण आप्टे और विष्णु रामकृष्ण करकरे के साथ पुणे में 30 जनवरी के अपने प्लान को पूरा करने के लिए योजना बनाई। इस योजना के तहत करकरे ने पहले ही दिल्ली पहुंचकर माहौल का जायजा लिया फिर 27 जनवरी को बंबई (अब मुंबई) से विमान आप्टे और गोडसे दिल्ली पहुंचे।

कहां से म‌िला गांधी को खत्म करने का ह‌थियार?

Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

तय कार्यक्रम के अनुसार गोडसे और आप्टे दिल्ली पहुंचे। तो उन्हें करकरे ने बताया कि हत्या के लिए कोई पिस्तौल नहीं मिल पाई है। यह जानकर गोडसे और आप्टे बहुत मायूस हुए, जिसके बाद गोडसे ने तरकीब सुझाई कि हम भोपाल जाकर पिस्तौल ले आएंगे।

 गोडसे और आप्टे रेल से उसी दिन भोपाल निकल गए। वहां वह अपने एक मित्र से मिले जिसने उन्हें एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (बैरेटा) मुहैया कराई। दोनों 29 तारीख को फिर दिल्ली पहुंच गए।

दिल्ली लौटने के बाद गोडसे और आप्टे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित मरीना होटल में ठहरे। उन्होंने होटल में अपना नाम एम देशपांडे और एस देशपांडे लिखा था। जबकि करकरे अपने एक और साथी के साथ चांदनी चौक के एक होटल में ठहरे थे।

30 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे गोडसे, आप्टे और करकरे बिड़ला हाउस के लिए निकले। गोडसे ने आप्टे और करकरे से कहा कि पहले वो हाउस में घुसेगा, बाद में वो दोनों आएंगे। गोडसे जब बिड़ला हाउस पहुंचा तो वहां कुछ खास तलाशी नहीं हो रही थी, जिस कारण वह आराम से पिस्तौल लेकर अंदर घुस गया।

कुछ देर बाद आप्टे और करकरे भी आकर उसके पास खड़े हो गए। गोडसे 30 जनवरी को दोपहर 12 बजे बिड़ला हाउस पहुंचा क्योंकि वह भी व्यक्तिगत तौर पर उस जगह को देखना चाहता था। तब गांधी जी के साथ केवल सरदार पटेल और उनकी पोती थी। वह चाहता तो तब भी गांधी जी को मार सकता था और वहां से भाग सकता था पर उसने ऐसा नहीं किया।

गांधी हत्या के बाद भागा यह था नाथूराम का अगला कदम

Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

वैसे तो गांधी जी हमेशा से ही वक्त के पाबंद थे और प्रार्थना सभा में वह हमेशा 5 बजे पहुंच जाते थे। पर 30 जनवरी 1948 की शाम को सरदार पटेल से बात करते हुए उन्हें पता ही नहीं चला और बहुत देर हो गई थी।

उस दिन जब वह आभा और मनु के साथ प्रार्थना सभा के लिए निकले तो पूरा मैदान घूम कर आने की बजाय वह मैदान पार कर लोगों के बीच में से होते हुए प्रार्थना सभा की ओर जाने लगे।

वह जैसे ही लोगों की भीड़ की ओर बढ़ रहे थे गोडसे से उनकी दूरी कम होती जा रही थी। जब गांधी जी गोडसे के सामने पहुंचे तो उसने उन्हें प्रणाम किया। देर होती देख आभा ने गोडसे से कहा क‌ि भईया रास्ता दीजिए, बापू को पहले ही देर हो चुकी है।

इस बीच जब तक कोई कुछ समझ पाता गोडसे ने आभा को धक्का देकर पीछे किया और सामने से गांधी जी के सीने पर तीन गोलियां दाग दीं। इसके बाद वहां पहले तो किसी को कुछ समझ नहीं आया फिर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पर गोडसे भागने की बजाए अपना हाथ ऊपर कर पुलिस को बुलाने लगा।

जब भीड़ में मौजूद पुलिस उसे दिखी तो उसने उन्हें आवाज दी और अपनी पिस्तौल पुलिस को सौंप दी। शाम 5:45 पर आकाशवाणी ने गांधी के निधन की सूचना देश को दी।

'हां मैंने क‌िया है उनका वध'

Why nathuram godse assassinated mahatma gandhi?

27 मई को इस मामले की कार्रवाई शुरू हुई। अदालत की पूरी कार्रवाई के दौरान एक बार भी गोडसे ने अपना बचाव नहीं किया और स्वीकार किया कि उसने गांधी को मारा है।

8 नवंबर 1949 को गोडसे को फांसी की सजा सुनाई गई। 15 नवंबर 1949 को नारायण आप्टे के साथ उसे फांसी दे दी गई। इस मुकदमे में नाथूराम गोडसे सहित आठ लोगों को हत्या की साजिश में आरोपी बनाया गया था। इन आठ लोगों में से तीन आरोपियों शंकर किस्तैया, दिगम्बर बड़गे, विनायक दामोदर सावरकर बाद में रिहा कर दिए गए।

दिगम्बर बड़गे को सरकारी गवाह बनने के कारण बरी कर दिया गया। शंकर किस्तैया को उच्च न्यायालय में अपील करने पर माफ कर दिया गया। विनायक दमोदर सावरकर के खिलाफ़ कोई सबूत नहीं मिलने की वजह से अदालत ने जुर्म से मुक्त कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed