कौन है ISIS का आतंकी शाहनवाज?: तीन लाख का इनाम... पेशे से इंजीनियर, पुणे से पहुंचा दिल्ली; मकसद था तबाही
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल के आतंकी शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। जिसके ऊपर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तीन लाख रुपये का इनाम रखा था।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को आज एक बड़ी कामयाबी मिली। आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल के आतंकी इंजीनियर शाहनवाज उर्फ शैफी उज्जमा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा दो और आतंकवादियों को भी गिरफ्तर किया गया है। फिलहाल, इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मोहम्मद अरशद वारसी और मोहम्मद रिजवान नाम के दो अन्य आरोपियों को दिल्ली पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तारी की है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबित, शाहनवाज उर्फ शैफी उज्जमा के कनेक्शन इन आरोपियों से जुड़े हैं। आरोपी शाहनवाज को इससे पहले 17-18 जुलाई की देर रात को पुणे पुलिस ने एक मोटर साइकिल की चोरी की वारदात को अंजाम देते वक्त पकड़ा था। तभी वह हिरासत से फरार हो गया था।
इस्लामिक स्टेट का संदिग्ध आतंकवादी शाहनवाज उर्फ शैफी उज्जमा एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड सूची में था। शाहनवाज को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली में एक ठिकाने से गिरफ्तार किया है।
कौन है आतंकी शाहनवाज उर्फ शैफी उज्जमा?
शाहनवाज एक खनन इंजीनियर है। वह पुणे से भागकर दिल्ली आ गया था। तभी से यहां रह रहा है। पिछले महीने एनआईए ने पुणे आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) मॉड्यूल मामले में वांछित शाहनवाज सहित चार आतंकी संदिग्धों की तस्वीरें जारी की थीं। साथ ही तीन लाख रुपये का इनाम भी रखा था। एजेंसी ने कहा था कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुणे पुलिस की गिरफ्त से भाग गए थे आतंकी
शाहनवाज और दो अन्य मोहम्मद इमरान मोहम्मद यूनुस खान और मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी को पुणे पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में गिरफ्तार किए थे। जब पुलिस उन्हें तलाशी के लिए पुणे के कोंढवा स्थित उनके आवास पर ले जा रही थी तो शाहनवाज पुलिस वाहन से कूद गया और भागने में सफल रहा।
आतंकवादियों के पास से मिली कई सामाग्री
पुलिस को आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। साथ ही 500 जीबी डेटा भी मिला है। जिसमें बम बनाने के यूट्यूब वीडियो के लिंक और विभिन्न स्थानों की गूगल से ली गई तस्वीरें हैं। जांच के दौरान यह पता चला कि एक विदेशी-आधारित हैंडलर ने संभवतः फरवरी में आतंकी हमले को अंजाम देने के निर्देश के साथ शाहनवाज को इमरान और यूनुस के संपर्क में रखा था। 10-15 दिनों के बाद शाहनवाज कथित तौर पर रिजवान को दिल्ली लाया गया।
आतंकी हमला करने की थी शाहनवाज की योजना
एजेंसी को यह भी पता चला कि गिरोह ने कोल्हापुर, सांगली और सतारा में स्थानों का दौरा किया था। यह जांचने के लिए वहां टीमें भेजी थीं कि उन्होंने क्या करने की योजना बनाई थी। एटीएस ने 8 अगस्त को ठाणे जिले में दो और आरोपियों आकिफ अतीक नाचन और जुल्फिकार अली बड़ौदावाला को गिरफ्तार करने के बाद मामला एनआईए को सौंप दिया था। जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि विदेशी हैंडलर्स की मदद से निर्देश मिल रहे थे। शाहनवाज को फरवरी में एक आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए संपर्क किया गया था।