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Hindi News ›   Chandigarh ›   Who is Amritpal Singh Know how he became leader of Khalistani movement in five months

Amritpal Singh: पांच माह में अमृतपाल कैसे बना खालिस्तानी मूवमेंट का अगुआ, देश की एकता व अखंडता के लिए है खतरा

Sat, 18 Mar 2023 09:35 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 18 Mar 2023 09:35 PM IST
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सार
Who is Khalistan Leader Amritpal Singh: पंजाब पुलिस द्वारा अमृतपाल सिंह के साथियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पहले ही उसके नौ साथियों के हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे। उन्हें कहा गया था कि जो हथियारों के लाइसेंस उन्हें दिए गए है वो आत्मरक्षा के लिए दिए गए थे। ना कि किसी की पर्सनल सुरक्षा के लिए।
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Who is Amritpal Singh Know how he became leader of Khalistani movement in five months
अमृतपाल सिंह गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह पर पंजाब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को पंजाब में अमृतपाल की तलाश में पूरे प्रदेश में तलाशी अभियान चलाया हुआ है। हालांकि इससे पहले खबरें आईं थी कि अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में 78 लोगों को हिरासत में लिया है। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ हेट स्पीच समेत कई अन्य मामलों में केस दर्ज कर रखा है। 

पंजाब में खालिस्तानी ताकतों को एकजुट कर रहा था अमृतपाल 
अचानक पंजाब की धरती पर आकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर सीएम भगवंत मान को चुनौती देने वाले अमृतपाल सिंह ने पंजाब के युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रखा था। युवाओं को अमृतपान व नशा छुड़ाने के नाम पर अपने साथ जोड़ रहा था लेकिन साथ ही पंजाब में खालिस्तान लहर को खड़ा भी कर रहा था।

यह भी पढ़ेंः Operation Amritpal: छह साथियों के साथ पकड़ा गया वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल, पंजाब में कल तक इंटरनेट बंद

12वीं पास है अमृतपाल 
अमृतपाल सिंह का जन्म अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव में 1993 में हुआ था। महज 12वीं पास अमृतपाल अचानक से दुबई चला गया। बताते हैं कि वहां पर अमृतपाल ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़ा था। पंजाबी एक्टर और ऐक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने 30 सितंबर 2021 में वारिस पंजाब दे संगठन की स्थापना की थी। दीप सिद्धू ने इसका मकसद युवाओं को सिख पंथ के रास्ते पर लाना और पंजाब को जगाना बताया था। किसान आंदोलन और उसके बाद 26 जनवरी 2021 को लाल किला हिंसा मामले में दीप सिद्धू का नाम आया। 15 फरवरी 2022 को दिल्ली से पंजाब लौटते वक्त सोनीपत के पास एक सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत हो जाती है। 

मार्च में दावा किया जाता है कि अमृतपाल अब वारिस पंजाब दे संगठन का नया सर्वेसर्वा है। इसके बाद 29 सितंबर 2022 को अमृतपाल मोगा के रोडे गांव पहुंचता है। वही रोडे गांव जहां से खालिस्तानी जरनैल सिंह भिंडरावाले की जड़ें जुड़ी हुई थीं। 29 सितंबर को ही रोडे गांव में बतौर वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह की दस्तारबंदी होती है। इसके बाद अमृतपाल सीधे देश की सरकार और सिस्टम को चैलेंज देने लगता है। अमृतपाल सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ललकारते हुए कहा था कि इंदिरा गांधी ने भी कुचलने की कोशिश की थी, अब अमित शाह भी अपना चाव पूरा कर देख लें।

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एनआरआई से की शादी
अमृतपाल सिंह ने 10 फरवरी को पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में एक सादे समारोह में ब्रिटेन की रहने वाली एनआरआई लड़की किरणदीप कौर के साथ शादी की थी। अमृतसर में बाबा बकाला के एक गुरुद्वारे में आयोजित आनंद कारज में दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य शामिल हुए थे। किरणदीप का परिवार मूलत: जालंधर के कुलारां गांव का है. कुछ समय पहले परिवार इंग्लैंड में बस गया था।

थाने पर किया था हमला...
पिछले महीने ही अमृतपाल और उसके साथियों ने पंजाब के अजनाला में हथियारों से लैस होकर थाने पर हमला कर दिया था। अमृतपाल के समर्थकों ने अपहरण और दंगों के आरोपियों में से एक तूफान की रिहाई को लेकर पुलिस स्टेशन पर यह धावा बोला था। इस दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अमृतपाल के खिलाफ उसके ही एक पूर्व सहयोगी ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि इन सभी ने कथित तौर पर बरिंदर सिंह नाम के व्यक्ति को अजनाला से अगवा कर लिया और फिर मारपीट की।

सहयोगी ने की थी शिकायत...
शिकायतकर्ता बरिंदर सिंह ने शिकायत में कहा है कि वह अमृतपाल सिंह के प्रशंसक थे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने सहयोगियों के गलत कामों को उजागर किया तो अमृतपाल सिंह नाराज हो गया। अमृतपाल सिंह ने कथित तौर पर बरिंदर को 15 से 20 बार थप्पड़ मारे, गाली-गलौज कर अभद्रता की। आरोप है कि रुपनगर जिले के सलेमपुर गांव के रहने वाले फरियादी को तीन घंटे तक पीटा गया. शिकायतकर्ता बरिंदर सिंह ने अमृतपाल सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। 

भिंडरांवाला का परिवार कर चुका है किनारा
दमदमी टकसाल के मुखी रहे संत जरनैल सिंह भिंडरांवाला के भतीजे जसबीर सिंह रोडे ने वारिस पंजाब दे जत्थेबंदी के मुखी अमृतपाल सिंह से किनारा कर चुका है। जसबीर सिंह ने कहा कि अमृतपाल सिंह की विचारधारा से उनका कोई लेना देना नहीं है। अमृतपाल भिंडरांवाला की जगह नहीं ले सकता। वो एक अलग शख्सियत थे। उन्होंने कभी भी खालिस्तान बनाने की मांग नहीं की थी।

श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई जरनैल सिंह रोडे ने कहा कि खालिस्तान अमृतपाल का अपना और उसकी जत्थेबंदी का एजेंडा हो सकता है। भिंडरांवाला परिवार इससे इत्तफाक नहीं रखता। उन्होंने कहा कि अमृतपाल यदि सिख धर्म के प्रचार प्रसार या अमृतपान की मुहिम चलाता है तो हम उसका साथ देंगे, लेकिन अलग खालिस्तान या राज्य की मांग का वह समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि संत जरनैल सिंह भिंडरांवाला ने भी कभी खालिस्तान की मांग नहीं की थी। वे हमेशा ही आनंदपुर साहिब मत्ते को लागू करने की मांग करते थे। इसके तहत राज्यों को अधिकार दिए जाने की वकालत थी, उसमें खालिस्तान की कोई बात नहीं थी। 

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