{"_id":"6ac4f2b681766d3c0206e082","slug":"where-there-is-constant-hustle-and-bustle-barricades-and-an-eerie-silence-were-seen-instead-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-158060-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: जहां हर वक्त रहती है रफ्तार, वहां दिखा बैरिकेड और सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: जहां हर वक्त रहती है रफ्तार, वहां दिखा बैरिकेड और सन्नाटा
विज्ञापन
ग्राउंड रिपोर्ट
बैरिकेड के उस पार सियासत, इस पार थमी दिल्ली
-डेढ़ घंटे तक सड़क पर डटे रहे नेता, पुलिस से होती रही कहासुनी
-दुकानों के शटर गिरे, ऑटो-कैब हटे, सुरक्षा घेरे में बदला संसद मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। संसद मार्ग... आम दिनों में जहां वाहनों की लगातार आवाजाही, पैदल यात्रियों की चहल-पहल और आसपास की दुकानों की रौनक दिखाई देती है, मंगलवार को वही सड़क बैरिकेड और सुरक्षा घेरे में नजर आई। सड़क पर कदम-कदम पर पुलिसकर्मी तैनात थे। बीच सड़क पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था। वाहनों की रफ्तार थमी हुई थी और राहगीर बैरिकेड के दूसरी तरफ खड़े होकर रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे थे।
सुबह से ही संसद मार्ग और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सड़क पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। करीब तीन हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के कारण पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में नजर आया। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते तो पुलिस उन्हें रोक देती। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी कहासुनी भी हुई। आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी नेता और कार्यकर्ता रफी मार्ग पर ही बैठ गए। सड़क पर नारेबाजी शुरू हुई तो कुछ ही देर में वहां भीड़ बढ़ती चली गई। करीब डेढ़ घंटे तक धरना चलता रहा। पुलिस लगातार रास्ता खाली कराने का प्रयास करती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी मौके से हटने को तैयार नहीं थे।
...और बदल गया प्रदर्शन का केंद्र
इसके बाद पुलिस ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर वहां से हटाना शुरू किया। हालांकि, इस दौरान कई प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देकर आगे निकल गए। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य नेता रफी मार्ग से आगे बढ़ते हुए आकाशवाणी भवन की ओर पहुंच गए। प्रदर्शन का केंद्र भी इसके साथ बदल गया। कुछ नेता आकाशवाणी भवन के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
बैरिकेड के इस पार खड़ी रही आम जनता
प्रदर्शन की सबसे ज्यादा मार आम राहगीरों पर पड़ी। रफी मार्ग, पटेल चौक और संसद मार्ग समेत आसपास के रास्तों पर ऑटो और कैब चालकों को आगे जाने से रोक दिया गया। पैदल चल रहे लोगों को भी बैरिकेड पार करने की अनुमति नहीं मिली। दफ्तर जाने वाले कई लोग रास्ते में ही रुक गए। कोई फोन पर रास्ता बदलने की जानकारी लेता दिखा तो कोई पुलिसकर्मियों से रास्ता खोलने की गुहार लगाता रहा। कुछ देर पहले तक जिस सड़क पर गाड़ियों के हॉर्न और लोगों की आवाजाही थी, वहां मंगलवार को सुरक्षा घेरे और नारेबाजी की आवाजें हावी थीं। संसद मार्ग पर सियासी प्रदर्शन खत्म होने तक आम लोगों की आवाजाही इसी पहरे के बीच सिमटी रही।
विज्ञापन
बैरिकेड के उस पार सियासत, इस पार थमी दिल्ली
-डेढ़ घंटे तक सड़क पर डटे रहे नेता, पुलिस से होती रही कहासुनी
-दुकानों के शटर गिरे, ऑटो-कैब हटे, सुरक्षा घेरे में बदला संसद मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। संसद मार्ग... आम दिनों में जहां वाहनों की लगातार आवाजाही, पैदल यात्रियों की चहल-पहल और आसपास की दुकानों की रौनक दिखाई देती है, मंगलवार को वही सड़क बैरिकेड और सुरक्षा घेरे में नजर आई। सड़क पर कदम-कदम पर पुलिसकर्मी तैनात थे। बीच सड़क पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था। वाहनों की रफ्तार थमी हुई थी और राहगीर बैरिकेड के दूसरी तरफ खड़े होकर रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे थे।
सुबह से ही संसद मार्ग और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सड़क पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। करीब तीन हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के कारण पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में नजर आया। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते तो पुलिस उन्हें रोक देती। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी कहासुनी भी हुई। आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी नेता और कार्यकर्ता रफी मार्ग पर ही बैठ गए। सड़क पर नारेबाजी शुरू हुई तो कुछ ही देर में वहां भीड़ बढ़ती चली गई। करीब डेढ़ घंटे तक धरना चलता रहा। पुलिस लगातार रास्ता खाली कराने का प्रयास करती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी मौके से हटने को तैयार नहीं थे।
विज्ञापन
...और बदल गया प्रदर्शन का केंद्र
इसके बाद पुलिस ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर वहां से हटाना शुरू किया। हालांकि, इस दौरान कई प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देकर आगे निकल गए। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य नेता रफी मार्ग से आगे बढ़ते हुए आकाशवाणी भवन की ओर पहुंच गए। प्रदर्शन का केंद्र भी इसके साथ बदल गया। कुछ नेता आकाशवाणी भवन के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
बैरिकेड के इस पार खड़ी रही आम जनता
प्रदर्शन की सबसे ज्यादा मार आम राहगीरों पर पड़ी। रफी मार्ग, पटेल चौक और संसद मार्ग समेत आसपास के रास्तों पर ऑटो और कैब चालकों को आगे जाने से रोक दिया गया। पैदल चल रहे लोगों को भी बैरिकेड पार करने की अनुमति नहीं मिली। दफ्तर जाने वाले कई लोग रास्ते में ही रुक गए। कोई फोन पर रास्ता बदलने की जानकारी लेता दिखा तो कोई पुलिसकर्मियों से रास्ता खोलने की गुहार लगाता रहा। कुछ देर पहले तक जिस सड़क पर गाड़ियों के हॉर्न और लोगों की आवाजाही थी, वहां मंगलवार को सुरक्षा घेरे और नारेबाजी की आवाजें हावी थीं। संसद मार्ग पर सियासी प्रदर्शन खत्म होने तक आम लोगों की आवाजाही इसी पहरे के बीच सिमटी रही।