ये क्या! 'अवैध आयोग' के अध्यक्ष ने शुरू कर दी घोटाले की जांच
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गृह मंत्रालय ने सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाले पर दिल्ली कैबिनेट के फैसले से गठित जांच आयोग को गैर कानूनी करार दिया है तो दूसरी तरफ जांच आयोग के अध्यक्ष रिटायर जस्टिस एसएन अग्रवाल ने काम शुरू कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि जांच आयोग के अध्यक्ष रिटायर जस्टिस एसएन अग्रवाल ने परिवहन विभाग को एक पत्र भेजकर सीएनजी फिटनेस घोटाले से जुड़े रिकॉर्ड दो दिन में मांगे हैं।
लेकिन परिवहन विभाग के पास इसके रिकॉर्ड नहीं हैं। बताते हैं कि पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) कर रही है। ऐसे में सभी रिकॉर्ड उनके पास ही हैं।
एसीबी घोटाले की फाइल उपलब्ध नहीं कराएगा
विभाग इस बात से जांच आयोग के अध्यक्ष को अवगत कराने के अलावा कुछ करने की स्थिति में नजर नहीं आ रहा है। दूसरी तरफ गृह मंत्रालय की तरफ से जांच आयोग को गैर कानूनी करार दिए जाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक शाखा भी 2002 में हुए सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाले की फाइल उपलब्ध नहीं कराएगा।
सूत्र बताते हैं कि एसीबी ने उपराज्यपाल के आदेश पर जो फिर से जांच शुरू की है। इसमें करीब दो दर्जन अधिकारियों को नोटिस भेजकर अलग-अलग तारीख पर बुलाया गया।
उसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सचिव राजेन्द्र कुमार को भी नोटिस भेजकर बुलाया है। लेकिन राजेन्द्र कुमार ने लिखित तौर पर जांच में शामिल होने से मना कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि आम आदमी पार्टी सरकार जांच आयोग गठित करके दूसरे अधिकारी व नेताओं को कटघरे में खड़ा करना चाहता है। जबकि जस्टिस मुद्गल कमेटी साफ कर चुकी है कि कोई घोटाला नहीं हुआ है बल्कि कुछ लापरवाही का मामला है। वहीं आम आदमी पार्टी सरकार का दावा है कि 100 करोड़ रुपये का नुकसान सीएनजी फिटनेस मामले में सरकारी खजाने को हुआ है।