एडमिशन से पहले पूछा जा रहा बच्चा मांसाहारी है या शाकाहारी
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निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए वेज (शाकाहारी) नॉन वेज (मांसाहारी) मानक के लिए दिए जा रहे अंकों को लेकर सरकार स्कूलों पर कार्रवाई कर सकती है।
जिन स्कूलों ने अपने मानकों में ऐसे मानक शामिल किए हैं सरकार उन स्कूलों पर नजर बनाए रखे हुए है। सरकार विचार कर कार्रवाई करेगी। मालूम कि 30 दिसंबर को शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को इस तरह के मानकों में बदलाव के आदेश दिए थे।
उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक कुछ स्कूलों ने वेज या नॉन वेज जैसी बातें पूछीं हैं जो गलत है। सरकार इन पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सरकार ऐसे स्कूलों पर नजर रखे हुए हैं। इन पर विचार करके कार्रवाई की जाएगी। दरअसल कुछ स्कूलों ने अपने सौ अंकों के फॉर्मूले में शाकाहार होने, धूम्रपान का सेवन नहीं करने वालों के लिए अंक निर्धारित किए हैं।
मानकों में बदलाव का सुनाया था फरमान
जिसके कारण ऐसे अभिभावक जो मासांहारी व इसे अपने लिए अनुचित बता रहे हैं। निदेशालय ने शाकाहार लिखित परीक्षा, शराब का सेवन न करने के मानकों के संबंध में आदेश जारी किया था।
निदेशालय ने इन मानकों में बदलाव का फरमान सुनाया था। इनमें प्रमुख रूप से मैनेजमेंट कोटा, अभिभावकों का शाकाहारी होना, शराब का सेवन न करना, धूम्रपान का सेवन न करना, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार व अभिभावकों की शैक्षणिक योग्यता आदि शामिल है।
आदेश के मुताबिक इन पक्षपातपूर्ण मानकों के आधार पर अंक दिया जाना गलत है। इस लिए स्कूलों को इन्हें तुरंत हटाना चाहिए।