वेव सिटी दोहरा हत्याकांड: भाइयों संग नेपाल में शरण ले सकता है गैंगस्टर बिल्लू, पड़ोसी देश में पहले भी बिता चुका है समय
बिल्लू गैंगस्टर और उसके चचेरे भाई अनिल नागर व विनोद नागर नेपाल में शरण ले सकते हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं है।
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गाजियाबाद की वेव सिटी के पास डेरी स्कनर गांव निवासी जितेंद्र और गिरधरपुर के हरेंद्र की हत्या के तीनों नामजद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। सूत्रों का कहना है कि केस में नामजद किया गया अनिल नागर पूर्व में कई बार नेपाल में समय बिता चुका है। उसका वहां कोई खास ठिकाना है। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि बिल्लू गैंगस्टर और उसके चचेरे भाई अनिल नागर व विनोद नागर नेपाल में शरण ले सकते हैं। हालांकि मामले की जांच में जुटी गाजियाबाद के कविनगर थाना पुलिस का कहना है कि अभी इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं है।
डेरी स्कनर गांव के जितेंद्र और गिरधरपुर गांव के हरेंद्र दोस्त थे। दोनों की बुधवार रात गाजियाबाद की वेवसिटी के पास ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जितेंद्र की पत्नी प्रीति की शिकायत पर पुलिस ने दुजाना गांव के बिल्लू गैंगस्टर और उसके चचेरे भाई अनिल नागर व विनोद नागर पर केस दर्ज किया था।
वर्ष 2017 में गाजियाबाद में हुई अरुण नागर की हत्या में उसके भाई बिल्लू गैंगस्टर को जितेंद्र पर मुखबिरी का शक था। इसी के चलते आरोपी दिल्ली जेल में बंद रहने के बाद भी जितेंद्र को व्हाट्सएप कॉल व मैसेज कर धमकी दे रहा था। नवंबर में जेल से छूटने के बाद आरोपी ने अपने चचेरे भाई अनिल नागर व विनोद नागर के साथ मिलकर बदला लेने की साजिश रची थी। इसी के तहत बुधवार को उन्होंने जितेंद्र को छपरौला स्थित दफ्तर में बुलाया था।
उन्होंने कहा था कि अरुण नागर की हत्या को लेकर जो भी गलतफहमी होगी वह साथ बैठकर दूर कर लेंगे। आरोपियों ने वहां जितेंद्र नागर से पूछताछ की लेकिन उसकी बातों पर भरोसा नहीं किया। बातचीत के दौरान हरेंद्र का भी नाम सामने आया तो आरोपियों ने जितेंद्र से फोन करवाकर उसे भी छपरौला बुला लिया। इसके बाद दोनों को गाजियाबाद ले जाकर हत्या कर दी।