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Water Crisis: भीषण गर्मी में दिल्ली जल बोर्ड के दावे सूखे, टैंकर वालों की चांदी; जनता झेल रही है मुसीबत
Sat, 30 May 2026 07:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सचिन कुमार, नई दिल्ली
सचिन कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 May 2026 07:04 AM IST
सार
कई जगहों पर लोगों को सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि सरकारी टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे, जिसके कारण लोग मजबूरी में महंगे दामों पर निजी टैंकर बुला रहे हैं या बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं।
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लोग अब पानी की कमी के कारण बोतलबंद पानी और निजी टैंकरों पर निर्भर हैं।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राजधानी में बढ़ती गर्मी के साथ पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। कई इलाकों में लोगों को समय पर पानी नहीं मिल रहा, जिसके कारण अब आम लोगों की जेब पर भी सीधा असर पड़ने लगा है। जहां पहले एक परिवार महीने में 700 से 800 रुपये तक बोतलबंद पानी पर खर्च करता था, वहीं अब यह खर्च बढ़कर 1600 से 2000 रुपये तक पहुंच गया है। लोग अब पानी की कमी के कारण बोतलबंद पानी और निजी टैंकरों पर निर्भर हैं।
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द्वारका, दक्षिणपुरी, खानपुर, शास्त्री पार्क, गुलमोहर पार्क, मदनगीर, उत्तम नगर, मयूर विहार, गोविंदपुरी, कालकाजी, पटेल नगर, संगम विहार समेत दिल्ली के कई इलाकों में पानी की सप्लाई कम हो रही है। कई जगहों पर लोगों को सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि सरकारी टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे, जिसके कारण लोग मजबूरी में महंगे दामों पर निजी टैंकर बुला रहे हैं या बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं।
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बोतलबंद पानी की मांग बढ़ी
गर्मी बढ़ने के साथ बोतलबंद पानी की बिक्री में भी तेजी आई है। आरके पुरम सेक्टर 1 में बोतलबंद पानी बेचने वाले रमन ने बताया कि अप्रैल के बाद से ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पहले हमारे पास सीमित ग्राहक थे, लेकिन अब आसपास की सोसायटियों और कॉलोनियों से लगातार ऑर्डर आ रहे हैं। कई परिवार अब 20 लीटर वाले कैन नियमित रूप से मंगवा रहे हैं।
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पहले लोग हफ्ते में एक या दो कैन लेते थे, लेकिन अब लगभग रोजाना मांग आ रही है। गर्मी बढ़ने के साथ बिक्री भी काफी बढ़ गई है। मयूर विहार निवासी सौरभ ने बताया कि पानी की समस्या के कारण घर का बजट बिगड़ गया है। बिजली का बिल पहले से ही ज्यादा है। ऊपर से अब पानी खरीदने का खर्च जुड़ गया है। वहीं, शास्त्री पार्क निवासी राजेश ने बताया कि उनके इलाके में कई बार गंदा पानी आता है। अब नल के पानी पर भरोसा नहीं रह गया है।
बढ़ता खर्च बिगाड़ रहा घर का बजट
बढ़ती महंगाई के बीच पानी पर बढ़ता खर्च लोगों के लिए नई परेशानी बन गया है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए हर महीने अतिरिक्त पैसे खर्च करना मुश्किल हो रहा है। लोग सरकार और जल बोर्ड से मांग कर रहे हैं कि पानी की सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि उन्हें पानी के लिए अतिरिक्त खर्च न करना पड़े। जगजीत नगर निवासी दुकानदार मोनू ने बताया कि अब घर का बजट बनाना मुश्किल हो गया है।
निजी टैंकरों वाले कर रहे उगाही
पानी की किल्लत बढ़ने के साथ निजी टैंकरों का नेटवर्क भी तेजी से फैल रहा है। जब सरकारी व्यवस्था समय पर पानी उपलब्ध नहीं करा पाती, तब लोग मजबूरी में निजी टैंकरों का सहारा लेते हैं। लेकिन लोगों का आरोप है कि निजी टैंकर संचालक संकट के समय मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
द्वारका निवासी संदीप ने बताया कि पिछले साल जिस टैंकर के लिए 800 से 1000 रुपये देने पड़ते थे, अब उसके लिए 2,000 से 2,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। लक्ष्मी नगर निवासी दीप्ति ने बताया कि पानी जैसे मूलभूत संसाधन का इस तरह व्यापार होना प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है। वहीं संगम विहार के रहने वाले अभिषेक ने बताया कि उनके इलाके में सुबह पानी भरने को लेकर अक्सर झगड़े तक हो जाते हैं।